
धनतेरस से पहले धन बरसाती आएगी धन अष्टमी: इस वर्ष अहोई अष्टमी व्रत 28 अक्टूबर को मनाया जाएगा ।माताएं अपने पुत्रों के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु के लिए अहोई अष्टमी व्रत को करती हैं। इस बार यह अहोई अष्टमी धन अष्टमी के रूप में भी मनाई जाएगी ।जिस प्रकार धनतेरस को सभी लोग नए बर्तन, वाहन, ज्वेलरी ,कपड़े ,उपहार आदि खरीदते हैं । उसी प्रकार
धनतेरस से पहले का यह गुरु पुष्य महायोग का मुहूर्त बहुत ही शुभ बन रहा है।
कार्तिक कृष्ण पक्ष की सप्तमी ,दिन बृहस्पतिवार 28 अक्टूबर को मध्याह्न 12:49 तक रहेगी। इसके पश्चात अष्टमी तिथि आएगी। अष्टमी अगले दिन 14:09 बजे तक रहेगी। इसलिए अहोई अष्टमी का व्रत माताएं बृहस्पतिवार को ही करेंगी।
बृहस्पतिवार को प्रातः काल 9:40 बजे तक पुनर्वसु नक्षत्र रहेगा ।उसके पश्चात पुष्य नक्षत्र का आगमन होगा जो अगले दिन 11:37 बजे तक रहेंगे।
गुरु पुष्य योग मे विवाह कार्य को छोड़कर किसी भी धार्मिक उत्सव, परिवारिक उत्सव अथवा सामाजिक उत्सव या नवीन व्यापार , अनुबंध आदि के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है । गुरु पुष्य योग में नया वाहन खरीदना, नए मकान की नींव रखना ,गृह प्रवेश करना, वस्त्र, आभूषण, बर्तन आदि खरीदना बहुत शुभ रहता है।
इसका अर्थ यह हुआ कि जो कार्य हम धनतेरस को करते हैं ।इस बार वही कार्य हम 28 अक्टूबर को धन अष्टमी (अहोई अष्टमी) के अवसर पर कर सकते हैं। व्यापारिक संस्थान ऐसे शुभ मुहूर्त को बहुत शुभ मानते हैं और तरह-तरह के ग्राहकों को ऑफर भी देते हैं।
मध्यान्ह 11:36 से 12:24 तक गुरु पुष्य अमृत योग में अभिजित मुहूर्त बहुत श्रेष्ठ है। यह समय अहोई अष्टमी पूजन अथवा क्रय विक्रय के लिए बहुत अच्छा है। इसके पश्चात 15:34 से 17:00 बजे तक मीन लग्न है। यह भी बहुत शुभ मुहूर्त है। शाम 17:00 बजे से 18:33 बजे तक मेष लग्न अहोई अष्टमी के पूजन के लिए अच्छा है। सबसे उत्तम श्रेष्ठ स्थिर लग्न( वृषभ लग्न) 18:33 बजे से 20:30 बजे तक रहेगा । इस अवधि में माताएं तारा देख कर के अपने व्रत का समापन करती है । क्योंकि यह समय स्थिर लग्न (वृषभ लग्न )प्रदोष काल व गोधूलि बेला का है। अतः इस समय में जो भी कार्य किया जाएगा वह सफल ही होगा।
स्थिर लग्न में अपने घर से संबंधित सामान, ज्वेलरी, कपड़े, वाहन, मकान आदि खरीदना बहुत ही धनवर्धक, कल्याणकारी और उत्तम रहेगा।
कुछ माताएं चंद्रमा को देखकर भी अपने व्रत का पारायण करती हैं। इस दिन चंद्रमा 23:31 बजे उदय होंगे।
आचार्य शिवकुमार शर्मा,
आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिषाचार्य
गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश)
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