इस महीने 2 दिन रहेगी अमावस्या ,सोमवार को बनेगा सोमवती अमावस्या का योग, 2 दिन मिलेगा अमावस्या स्नान व दान करने का सौभाग्य

27Oct
संवत्सर 2077 की अंतिम अमावस्या सोमवार को होगी।
इसे शास्त्रों में सोमवती अमावस्या कहा जाता है ।पौराणिक शास्त्रों के अनुसार  सोमवती अमावस्या का बहुत बड़ा महत्व है।
यद्यपि अमावस्या रविवार 11 अप्रैल को प्रातः 6:03 बजे सूर्योदय के साथ ही   आ जाएगी । किन्तु तिथि वृद्धि होने कारण वह सोमवार को भी प्रातः 8:00 बजे तक रहेगी।उदय कालीन अमावस्या होने के कारण दोनों ही दिन अमावस्या का पर्व मनाया जाएगा।
पितृ कार्यों के लिए अमावस्या सबसे श्रेष्ठ तिथि होती है ।कहा जाता है कि अमावस्या को पितरों के निमित्त भोजन ,वस्त्र, जल दान करने से बहुत पुण्य मिलता है।
इस बार यह सौभाग्य 2 दिन मिलेगा।
सोमवती अमावस्या को गंगा आदि पवित्र नदियों में स्नान करने का भी बहुत बड़ा महत्व है।
यदि आप गंगा आदि तीर्थ क्षेत्र में स्नान नहीं कर सकते हैं अपने घर पर ही जल में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें। स्नान करने का मंत्र इस प्रकार है:
*गंगे च यमुने च गोदावरी सरस्वति।*
*नर्मदे सिंधु कावेरी जलेऽस्मिन्सन्निधिं कुरू।।*
इस मंत्र में अंतिम शब्द कुरु के स्थान पर करिष्ये बोल कर स्नान करें।
 अपने पितरों को जल में थोड़ा गंगाजल व काले तिल डालकर दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके सूर्य को अर्घ्य दे और पितरों के निमित अपने घर में भोजन बनवाएं और किसी ब्राह्मण या  विद्वान को खिलाएं।
घर में अपनी वरिष्ठ सदस्यों ,बूढ़े माता-पिता आदि की सेवा करने से भी पितृ प्रसन्न होते हैं
ऐसा माना जाता है कि हमारे कुल के पितृ देवता अमावस्या अथवा पूर्णमासी को अपने वंशजों से चाहते हैं कि वह हमारे लिए अन्न व जल व्यवस्था करें और जो गृहस्थी ऐसा करते हैं। उस अन्न ,जल आदि का सूक्ष्म रूप पितरों तक पहुंच कर  उन्हें तृप्त करता है। और पितृ देव अपने कुल के वंशजों को धनधान्य और कुल वृद्धि का आशीर्वाद देते हैं । संवत 2077 में  यह सोमवती अमावस्या  तीसरी बार आई है । इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ गया है।
इस प्रकार की दो अमावस्या का योग; इसमें एक अमावस्या सोमवार को पडती हो , दशकों  बाद आया है
*देश व समाज के लिए शुभ नहीं होता दो अमावस्या का होना* 
इस महीने दो अमावस्या का योग   यद्यपि   पितृकार्यो , स्नान आदि के लिए भी शुभ मानी जाती है।
 किंतु देश व समाज के लिए यह बहुत अशुभ मानी गई है। इसके फलस्वरूप प्राकृतिक आपदाएं, बवंडर ,आंधी ,समुद्री तूफान, असाध्य व्याधि, राजनीति में हलचल या सत्ता परिवर्तन अथवा किसी देश अथवा प्रदेश के प्रमुख व्यक्ति या नेता की आकस्मिक मृत्यु का भी  योग बनता है।
पंडित शिवकुमार शर्मा- आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिष रत्न
अध्यक्ष- शिवशंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र *गाजियाबाद

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