*उद्योगिनं सिंहमुपैति लक्ष्मी: ,दैवेन दीयते कापुरुषा:वदन्ति।*
कई लोग कहते हैं, मैंने फलां-फलां बाबा, साईं बाबा ,पीर का आशीर्वाद लिया या मजार पर जाकर मन्नत मांगी थी, मेरा काम पूरा हो गया |
नहीं? यह सब झूठ है…तुम्हारी लगन और परिश्रम से आपका काम पूरा हुआ हैं |
मन्नतें मांगने से काम पूरे होते, तो कोई भी परिश्रम नहीं करता | परिश्रम , लगन , धैर्य तीनों के सम्मिश्रण से सफलता मिलती है।
मूर्ख मत बनो,भेड़ चाल से बचो, अपनी दिव्य संस्कृति को पहचानो।
पं. शिवकुमार शर्मा
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