ज्योतिष और हमारा दैनिक खानपान

27Oct
*ज्योतिष और हमारा दैनिक खानपान*
ज्योतिष शास्त्र में फलादेश की अनेक विधियां हैं :वैदिक ज्योतिष, लाल किताब, अंक विज्ञान आदि आदि यह सब अपने अपने स्थान पर महत्वपूर्ण है। आवश्यकता पड़ने पर इनका उपयोग कहीं भी हो सकता है।
आज हम बात करते हैं ज्योतिष के आईने में आपके खानपान की आदतें और साप्ताहिक भोजन के बारे में। सब लोग भोजन करते हैं। क्योंकि भोजन सबके लिए समान होता है ,चाहे गरीब हो या अमीर।  बड़े परिवारों में तो भोजन का  साप्ताहिक मैन्यू बन जाता है। कब क्या बनना है, क्या खाना है ,क्या पीना है आदि आदि। किंतु एक मध्यम और सामान्य परिवार जैसा घर पर उपलब्ध है ,उसी में अपना काम चलाते हैं।
जब हम भोजन कर रहे हैं तो क्यों ना उसमें ज्योतिष के नियमों का पालन करें और स्वस्थ रहें।
 अब हम आपको सप्ताह के सात दिनों के अनुसार भोजन प्रक्रिया को समझाते हैं
*रविवार*: रविवार को सूर्य का दिन माना जाता है ।सूर्य को लाल वस्तुएं बहुत अधिक प्रिय हैं। इसीलिए इस दिन अपने भोजन में लाल फल, सब्जियों, दालों का समावेश करना चाहिए जैसे फलों में सेब,अनार चीकू आदि सब्जियों में टमाटर ,गाजर ,चुकंदर और दालों में दाल मसूर,मलका राजमा आदि। 
ध्यान रहे कि उपरोक्त वस्तुओं को प्रातः कालीन नाश्ता व भोजन में लेना चाहिए ।शाम को इच्छा के अनुसार और अन्य  परिवर्तन  भी कर सकते हैं
*सोमवार*: सोमवार चंद्रमा का दिन है इस दिन हमें सफेद वस्तुओं का प्रयोग करना चाहिए फलों में केला, अंगूर ,सिंघाड़ा सब्जी में आलू,अरबी,मूली , फूलगोभी चावल, दही ,खीर, खीरा ब्रैड आदि का प्रयोग करें। दालों में दाल उड़द धुली हुई मूंग की दाल धुली हुई प्रयोग करें।
*मंगलवार*: मंगलवार को भी रविवार की तरह लाल वस्तुओं, फलों ,सब्जियों का प्रयोग करना चाहिए।
* *बुधवार*: बुधवार को सब्जियों में हरी सब्जियों का अधिक प्रयोग करें, लौकी, तोरई,भिण्डी , खीरा ,कटहल आदि प्रयोग करें।फलों में अमरूद मौसमी तरबूज आदि प्रयोग कर सकते हैं ।दाल  मूंग छिलका,मूंग साबुत का प्रयोग उत्तम रहता है।
*गुरुवार*: गुरुवार को अधिकतर पीली वस्तुओं का उपयोग करें। फलों में केला, संतरा , पपीता,खरबूजा  आदि प्रयोग करें। दालों में चने की दाल ,अरहर की दाल आदि प्रयोग करें। सब्जियों में गाजर ,कढी, कोफ्ते पकोड़े, पीले चावल आदि का प्रयोग करें 
*शुक्रवार*: शुक्रवार को सफेद वस्तुओं का  प्रयोग करें जैसे खीर, चावल ,आलू, गोभी, पनीर, दाल उड़द और अरहर की धुली हुई प्रयोग करें फलों में केला, संतरा प्रयोग करें ।
 *शनिवार*: शनिवार को काली अथवा नीली  वस्तुएं प्रयोग करें। सब्जियों में बैंगन, उड़द की काली दाल, साबुत उड़द, चना ,छोला आदि प्रयोग करें।
उपरोक्त विवरण के अलावा भी कोई सब्जी या फल आपको बहुत पसंद है तो उसका प्रयोग आप शाम को कर सकते हैं।
*खाने की कुछ ग़लत आदतें*:
*कभी भी खाना अपने बेड पर बैठकर न खाएं इससे अन्न का अपमान होता है और राहु अप्रसन्न होते हैं।
*खाते समय टीवी देखना, किताब पढ़ना ठीक नहीं होता है। इससे हमारी श्वास नली में भोजन के कण फंसने का डर रहता है और हमें खांसी अथवा धस्का उठ जाता है।
*खाने से पहले हाथ और पैर धोए
*भोजन को जल्दी-जल्दी न चबाएं ,बल्कि धीरे-धीरे चबाकर खाएं।
*भोजन के तुरंत बाद पानी ना पिए। कम से कम 40 मिनट के बाद पानी पी सकते हैं। इससे स्वास्थ्य उत्तम रहता है।
*भोजन हमेशा बैठकर ही करना चाहिए
*भोजन करते समय बात ना करें चुपचाप भोजन करने से हमारे मन व शरीर की क्रियाओं पर पूर्ण नियंत्रण रहता है जिससे भोजन करने व पचने में सुगमता रहती है।
*भोजन के बाद अक्सर देखने में आता है कुछ लोग थाली में ही हाथ धोते हैं ।कई तो कुल्ला भी कर देते हैं इससे अन्नपूर्णा का अपमान होता है चंद्र और शुक्र अप्रसन्न होकर उस घर से बरकत छीन लेते हैं।
*थाली में जूठन छोड़ना अन्न का अपमान होता है, इससे अन्नपूर्णा मां का शाप लगता है।
*भोजन करते समय हमारा मुंह पूर्व या उत्तर में होना चाहिए।
*भोजन करने से पहले या भोजन करने के बाद लघु शंका करनी चाहिए।
*आजकल स्टेंडिंग का जमाना है, लोग खड़े-खड़े खाते हैं यह एक पाश्चात्य परंपरा है। हमारे यहां भोजन भी अन्न देवता होते हैं। खड़ा होकर खाने से पाप लगता है।  आसन पर बैठ कर , पालथी मारकर ,जल सामने रख कर,  ईश्वर का धन्यवाद करते हुए भोजन करें तो भोजन भोजन नहीं प्रसाद बन जाता है।
पंडित शिवकुमार शर्मा , आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिष रत्न 
अध्यक्ष- शिव शंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र गाजियाबाद 9811 89 30 69
Pt.Shiv Kumar Sharma

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