आजकल युवा वर्ग में दाढ़ी रखने का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। एक दूसरे को देखा देखी अथवा फैशन को मानते हुए लोग दाढ़ी रख रहे हैं। किंतु यह दाढ़ी रखना हमारे लिए कहीं धन हानि, स्वास्थ्य हानि का कारण न बन जाए, इसका भी हमें ध्यान करना पड़ेगा।
ज्योतिषीय योग के अनुसार बहुत से योग ऐसे होते हैं कि दाढ़ी रखने से कई बार हमें खूब धन और यश लाभ होता है और कई बार हानि होती है दाढ़ी रखने से पहले हमें इन ज्योतिषीय के कारणों पर भी विचार करना चाहिए।
हमारे देश के प्रधानमंत्री हमेशा से छोटी दाढ़ी रखते आए हैं और कोरोना काल में उन्होंने अपने दाढ़ी को अचानक बढ़ा लिया है इसका भी कोई ना कोई कारण है। जो आपको आगे बताएंगे।
विराट कोहली की सफलता का राज उनकी दाढ़ी में छुपा है।
अमिताभ बच्चन दाढी का राज भी उनकी सफलता बयां करती है। फिल्म डायरेक्टर संजय लीला भंसाली आदि महान हस्तियां जो सफलता के परम शीर्षको छू रहे हैं, उनमें उनकी दाढ़ी का भी विशेष महत्व है।
*आओ देखते हैं कि ज्योतिष के परिप्रेक्ष्य में दाढ़ी किसको रखनी चाहिए और किसको नहीं।*
यदि जन्म कुंडली में लग्न पर केतु का प्रभाव अथवा सिंह राशि में राहु केतु का विशेष प्रभाव हो ऐसे जातक को दाढ़ी रखनी चाहिए ।दाढ़ी रखने का मतलब यह नहीं कि साधु सन्यासी वाली दाढी रखें। हल्की दाढ़ी अथवा फ्रेंच कट दाढ़ी रखने से ली उनको लाभ होता है ।जैसा कि अमिताभ बच्चन ,विराट कोहली मोदी जी को हो रहा है।जब अमिताभ बच्चन के सितारे गर्दिश में आ गए तभी किसी ने उनको दाढ़ी रखने का सुझाव दिया था और तब से अब तक अभी तक वह महानायक बने हुए हैं।
अमिताभ बच्चन की कुंभ लग्न की कुंडली में सप्तम भाव में सिंह राशि का केतु का प्रभाव यह है कि उनको दाढ़ी रखने से अपने क्षेत्र में काफी ऊंचाइयों मिली।
विराट कोहली की जन्म कुंडली में भी धनु लग्न में भाग्य भाव में सिंह राशि के केतु लग्न को देख रहे हैं। इसलिए जो क्रिकेट के क्षेत्र मे जो नाम कमाया है ,हमेशा याद रखा जाएगा।
हमारे देश के वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की जन्म कुंडली के अनुसार लाभ भाव में कन्या राशि के केतु सूर्य के साथ बैठे हुए हैं ।जो उनको हमेशा अनावश्यक विवाद में रखते हैं यद्यपि उनका चरित्र व उनके कार्य निष्कलंक व पारदर्शी है। किंतु उनकी ईमानदारी विपक्ष को पसंद नहीं आती है। सबसे बड़ा उनका राजनीतिक वर्चस्व उनकी दाढ़ी पर ही निर्भर है ।यद्यपि 2020 तक उनकी छोटी दाढी थी । किन्तु कन्या लग्न में सूर्य व केतु का प्रभाव यह है कि राजनीतिक शत्रु बढ़ने का कारण उन्हें किसी अनेपक्षित दुर्भावना का शिकार में होना पड़े। इसलिए दाढ़ी बढ़ा ली गई है ।जिससे उनके लाभ भाव के केतु और पंचम भाव में सूर्य राहु का योग लग्न को और सप्तम को देख रहा है उनकी हमेशा रक्षा करता रहेगा।
योग गुरु बाबा रामदेव की जन्म कुंडली में कर्क लग्न में वृश्चिक राशि के क्रूर केतु उनको देशी उत्पादों का शहंशाह बना रहे हैं ।उनकी दाढ़ी रखने का ही प्रभाव है,
*अब बात करते हैं कि किन व्यक्तियों को दाढ़ी नहीं रखनी चाहिए।*
जिन व्यक्तियों का शुक्र प्रबल है जो व्यक्ति उच्च अभिलाषी हैं और शुक्र के अच्छे परिणाम को मिल रहे हैं। अथवा शुक्र की महादशा उन्हें बहुत भोग विलास विलास ,सुख साधन उपलब्ध करा रही है। यदि वह लोक- चाल में फंस कर दाढ़ी रखना शुरु कर देंगे तो शुक्र का प्रभाव कम हो कर उन्हें हानि आरंभ हो जाएगी,। क्योंकि शरीर पर अनपेक्षित बाल शुक्र को पसंद नहीं है। इसलिए शुक्र की महादशा में शुक्र को बलवान करने के लिए अपना चेहरा सुंदर रखें। दाढ़ी न बढ़ाएं। इसलिए शुक्र संबंधी जितने भी अच्छे प्रभाव हैं उसको यह नष्ट कर सकते हैं। समय-समय पर अपने शरीर के अनपेक्षित बालों को भी साफ करते रहे।
पंडित शिवकुमार शर्मा ,आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिष रत्न
अध्यक्ष -शिवशंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र गाजियाबाद
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