*राहु का वृषभ राशि में प्रवेश*
*घट सकते हैं विनाशकारी घटनाक्रम*
*प्रत्येक 18 वर्ष बाद बनते हैं ऐसे अशुभ योग*
छाया ग्रह राहु 23 सितंबर को प्रात: 8:30 बजे वृषभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं।केतु भी वृश्चिक राशि में आएंगे।
राहु और केतु डेढ़ वर्ष एक राशि में भ्रमण करते हैं 12 राशियों में भ्रमण करने पर 18 वर्ष का एक चक्र पूरा होता है दूसरे अश्विन मास भी प्रत्येक 19 वर्ष बाद अधिक मास होता है। आश्विन मास के अधिक मास होने के पश्चात ही राहु केतु पुनर वृषभऔर वृश्चिक राशि में आते हैं।गत पांच चक्रों का आंकड़ा देखें तो बहुत ही भयावह स्थिति दिखाई पड़ रही है। अब मैं प्रत्येक 18 वर्ष के चक्र का वर्णन करता हूं।स्वतंत्र भारत की कुंडली में वृषभ लग्न है और वृषभ लग्न में राहु विराजमान है इस कारण भारतवर्ष के लिए वृषभ के राहू बहुत ही अशुभ सिद्ध हुए।
*वर्षवार विवरण*
1. 7 अप्रैल 1946 से अक्टूबर 1947 तक राहु डेढ़ वर्ष वृषभ राशि में थी। यद्यपि देश को स्वतंत्रता तो मिल गई। किंतु खण्डित आजादी। भारत के दो टुकड़े हो गए। लाखों व्यक्ति काल कवलित हुए, चारों तरफ मारकाट लूटपाट का माहौल था। सांप्रदायिक दंगों ने एक भयंकर विनाश लीला रची थी।
2. नंवम्बर 64 से अप्रैल 66 तक राहु वृषभ राशि में रहे। परिणाम स्वरूप पाकिस्तान ने भारत पर आक्रमण किया ।शास्त्री जी की मृत्यु हुई। गौ हत्या के विरोध में आंदोलन करने वाले 5000 से अधिक साधुओं को इंदिरा सरकार ने मरवा दिया। चारों तरफ असंतोष का माहौल था।
3. अगस्त 83 से जनवरी 85 तक राहु फिर वृषभ राशि में थे। परिणाम स्वरूप स्वर्ण मंदिर कांड, इंदिरा जी की हत्या, हजारों सिखों का कत्लेआम, लूटपाट आदि घटनाएं घटित हुई। भोपाल का भयंकर गैस कांड भी उन्हीं दिनों में हुआ था।
4. मार्च 2002 से अगस्त 2003 तक फिर राहु वृषभ राशि में आए उसके परिणाम स्वरूप गोधरा,गुजरात सांप्रदायिक दंगों में झुलस गया ।इन दंगों में हजारों लोग मारे गए ।सरकारी ,गैर सरकारी संपत्ति का नुकसान हुआ। भुज में भयंकर भूकंप आया ।लाखों घर तबाह हो गए। अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला अपने 12 सदस्यों के साथ दुर्घटना में काल कवलित हुई।
5.अब 23 सितंबर से फरवरी 22 तक राहु फिर वृषभ राशि में होंगे।
कोरोना से लाखों लोग मारे जा रहे हैं, देश में नवंबर के पश्चात सांप्रदायिक दंगे फैलने का अनुमान है। लूटपाट ,अग्निकांड आगजनी ,भूकंप आदि से जन धन हानि हो सकती है। किसी राष्ट्रीय नेता की मृत्यु या हत्या हो सकती है। चीन ,पाकिस्तान से भी युद्ध हो सकता है अतः इस वर्ष विशेष सावधानी बरतें।
यह सब ज्योतिषीययोग हैं ।जो उपरोक्त गत पांच बार के आंकड़ों पर आधारित है। इसे मेरी भविष्यवाणी ने समझा जाए।
पंडित शिवकुमार शर्मा, आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिष रत्न
अध्यक्ष- शिव शंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र गाजियाबाद
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