वास्तु है सबके लिए (भाग 37 )घर के सामानों में गतिशीलता बनाए रखें।

27Oct
वास्तु है सबके लिए( भाग 37), 
*घर के सामान में गतिशीलता बनाए रखें*( movement of things  time to time.)
गतिशीलता प्रकृति का सबसे पहला नियम है संसार में अधिकतर वस्तुएं गतिशील होती हैं ।जो गति या movement नहीं करता उसका विकास रुक जाता है।
*बहता पानी मीठा होता, ठहरा  सड़ने लगता है*
उपरोक्त काव्य पंक्ति के अनुसार वास्तु शास्त्र में भी ठहराव अच्छा नहीं माना गया है। इसलिए हमें समय-समय पर घर में रखी वस्तुओं को दाएं- बाएं, आगे -पीछे  हटाते  रहना चाहिए।
1. घर में सबसे स्थाई वस्तु बैड /डबल बैड(पंलग) होता है, अक्सर हमारे घरों में देखा जाता है कि पलंग जहां पर एक बार बिछ गया महीनों/ सालों वहीं पड़ा रहता है। ऐसे घरों में अक्सर देखा जाता  है कि पति पत्नी के बीच झगड़े बढ़ जाते हैं। वाद-विवाद और कलह उत्पन्न हो जाता है।
ऐसा इसलिए होता है कि  बैड जिस स्थान पर होता हैं उसके नीचे साफ सफाई का उचित ध्यान नहीं दिया जाता है। इससे  नकारात्मक उर्जा शीघ्र ही फैलने लग जाती है। धीरे धीरे नेगेटिव एनर्जी का विस्तार होता रहता है ।उस कमरे में रहने वाले व्यक्तियों के मन पर सीधा असर डालता है।
पहले जमाने में लोग चारपाई पर सोया करते थे और गांव में तो अब भी लोग चारपाई पर सोते  हैं। चारपाई का एक गुण होता है कि उसके अंदर, ऊपर ,नीचे ,दाएं ,बाएं वायु का प्रभाव उचित मात्रा में बना रहता है जो स्वास्थ्य के लिए अच्छी स्थिति होती  है।जबकि डबल बेड / बैड के नीचे की वायु का संचरण उचित मात्रा में न होकर नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करती है।
कई बार लोग बैड के अंदर समान इतना  अधिक रख लेते हैं कि वहां की वायु का प्रवाह ही समाप्त  हो जाता है। इसका भी हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
एक बात और जिस बिस्तर पर आप सोते हैं, उसके अंदर स्टील के बर्तन या कोई स्टील / लोहे का सामान  बिल्कुल न रखें ,इससे स्वास्थ्य खराब होने की  संभावना  बहुत अधिक बढ़ जाती हैं ।कमर दर्द ,रीढ़ की हड्डी की प्रॉब्लम, नींद ना आना बेचैनी रहना आदि समस्याएं धीरे-धीरे जड़ पकड़ लेती है।
2. घर में सबसे भारी वस्तु होती है, हमारी शेफ अर्थात अलमारी। अलमारी में हम कपड़ों के साथ-साथ घर की अन्य भारी वस्तुएं भी रख लेते हैं। तथा किसी एक विशेष अलमारी में अपना धन ,गहने, प्रॉपर्टी  के कागज आदि रखते हैं। कई बार तो बैडरूम या विशेष स्थान पर रखी गई इन अलमारियों का एक परसेंट भी मूवमेंट नहीं हो पाता है। जिससे  हमारे घर का पैसा अनावश्यक खर्चे में परिवर्तन होकर अपव्यय हो जाता है। यद्यपि धन संबंधी क्षेत्र को स्थिरता की संज्ञा दी गई है‌ लेकिन लक्ष्मी तो चंचला है। उसको भी थोड़ी गति चाहिए। इसलिए महीने दो महीने या सप्ताह आदि में अलमारी को थोड़ा बहुत हिलाते रहें या एक दो इंच /फुट आगे पीछे, दाएं, बाएं करते रहें । इससे धन का मूवमेंट भी अच्छा रहेगा और आपके मन में प्रसन्नता का भाव रहेगा।
3. हमारे घर में रखे हुए सोफे, फ्रीज या अनाज की टंकी भी एक समय अवधि के पश्चात नकारात्मक  एनर्जी छोड़ना आरंभ कर देते हैं। अब तो कई घरों में सोफे भी फिक्स  बनवाते हैं , जिनका मूवमेंट होना असंभव होता है ऐसे में आप सोफे के नीचे स्वच्छता की व्यवस्था करें या उसके नीचे हल्का फुल्का प्रकाश कर दे। हो सके तो किसी दिन उसको थोड़ा सा आगे पीछे सरका दें।
ऐसा करने के लिए उनके अन्दर भी जीवन आ जाएगा और हमारे घर में सकारात्मक एनर्जी आने शुरू हो जाएगी।
फ्रीज को साफ करने के बहाने उसमें साप्ताहिक गति तो होती है। लेकिन फ्रिज उसी स्थान पर रहता है। फ्रिज को भी थोड़ा हटाकर उसके आगे पीछे नीचे साफ सफाई करते रहें तो उसका मूवमैंट बना रहेगा।
4. आपने देखा होगा आपकी रसोई हमेशा एक्टिव रहती है ।ताजा ताजा व पौष्टिक भोजन बनता है। क्यों?
 क्योंकि वहां हर समय हर वस्तु गतिशील रहती है ,बर्तन  साफ होते हैं ,गैस व चूल्हा साफ होता रहता है।   बाकी अन्य सामान दाल,चीनी मसाले ,चावल आदि के डिब्बे भी नियमित रूप से गतिशील रहते हैं । इसीलिए उस क्षेत्र में गतिशीलता बनी रहती है और हमें नित्य प्रति भोजन ,जलपान , स्वादिष्ट व्यंजन समय से मिलते रहते हैं।
5. पूजा घर में भी प्रतिदिन घंटी बजती है ,दीपक जलता है, साफ सफाई होती रहती है इसलिए वह भी एक ऊर्जावान क्षेत्र बना रहता है।
6. हमारी घर की छत के ऊपर भी कुछ सामान स्थिर हो जाता है ।जैसे पुराना लोहा, लकड़ी ,कूलर कागज के कार्टून और अनावश्यक वस्तुएं छत पर पड़ी रहती है जो वहां पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह उत्पन्न करती है। इसलिए कहा जाता है कि छत पर कूड़ा या अनावश्यक वस्तु डालने से राहु अशुभ प्रभाव देता है। उस सामान को भी आप छत से हटाकर बाहर निकालिए। उपयोगी वस्तुओं को किसी छत वाले कमरे में रखिए तो आपका मकान नकारात्मक ऊर्जा से मुक्त हो सकता है।
आप सदैव ध्यान रखें  यदि आप स्थिर हो गए ,आलसी बनकर बैठे रहे तो क्या आप का विकास, उन्नति ,धन आगमन बना रहेगा? कदापि नहीं। जब हम स्वयं गतिशील होने से स्वस्थ, एक्टिव बने रहते हैं। उसी प्रकार घर की हर वस्तुओं को सप्ताह  या महीने में एक दो बार उनकी गतिशीलता बनाए रखे ,हमारा घर नकारात्मक उर्जा से मुक्त हो जाएगा।
पंडित शिवकुमार शर्मा ,आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिष रत्न।
अध्यक्ष -शिव शंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र गाजियाबाद

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