अगले वर्ष बनेगा एक महाकुंभ और दो अर्ध कुंभ का संयोग
शिव शंकर ज्योतिष एवं वास्तु संधान केंद्र गाजियाबाद,
अगले वर्ष संवत 2078 में एक महाकुंभ और दो अर्ध कुंभ का संयोग बन रहा है। *3-3 कुंभ महापर्व का ऐसा महासंयोग सैकड़ों वर्षो में एक बार आता है।
महाकुंभ पर्व का संयोग 12 वर्ष बाद आता है।
और यह इस सदी का दूसरा महाकुंभ है। हरिद्वार में इस बार इस महाकुंभ का संयोग बना है।
अर्ध कुंभ महापर्व का संयोग प्रत्येक 6 वर्ष बाद बनता है।
शास्त्रों में लिखा है:
कुंभ राशि गते जीवे यद्दिने मेषगोरवि:।
हरिद्वारे कृते स्नानं पुनरावृति वर्जनम्।।
अर्थात जब बृहस्पति कुंभ राशि प्रवेश करते हैं ।तब हरिद्वार में महाकुंभ का पुण्य अवसर आता है ।5 अप्रैल 2021 को बृहस्पति कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे ।चैत्र नवरात्रि 14 अप्रैल 2021 दिन बुधवार से हरिद्वार महाकुंभ पर्व में आरंभ हो जाएगा और उसके पुनीत अवसर एवं स्नान दो-तीन माह पहले ही आरंभ होंगे ।इसलिए 14 जनवरी से ही इससे महाकुंभ का आगाज हो जाएगा। इसके महाकुंभ के शाही स्नान की तिथियां इस प्रकार हैं:
14 जनवरी 2021 मकर सक्रांति पर्व।
,28 जनवरी 2021 पौष मास की पूर्णिमा गुरु पुष्य अमृत योग।
31 जनवरी 2021 संकट चतुर्थी
11 फरवरी 2021 मौनी अमावस्या।
16 फरवरी 2021 बसंत पंचमी उत्सव
27 फरवरी 2021 माघ पूर्णिमा।
11 मार्च 2021 महाशिवरात्रि व्रत शाही स्नान
20 मार्च बसंत संपात, महाविषुव दिन ।
28 मार्च 2021 फाल्गुन पूर्णिमा होलिका दहन।
12 अप्रैल 2021 सोमवती अमावस्या शाही स्नान।
13 अप्रैल 2021 नव वर्ष प्रतिपदा गुड़ी पड़वा स्नान।
14 अप्रैल 2021 मैं सक्रांति पुण्य काल शाही स्नान
21 अप्रैल 2021 श्री राम नवमी जन्मोत्सव।
27 अप्रैल 2021 चैत्र पूर्णिमा।
मुख्य शाही स्नान 11 ,12 और 14 अप्रैल को होगा ।इस महाकुंभ पर्व में सन्यासी, वैष्णव, उदासीन एवं निर्मल संप्रदाय के 13 अखाड़े स्नान करते हैं।
हरिद्वार के महाकुंभ के साथ-साथ इस वर्ष उज्जैन और नासिक में अर्ध कुंभ का भी पुनीत अवसर हमें प्राप्त होगा।
वैशाख पूर्णिमा 26 मई 2021 बुधवार के दिन से अवन्तिका पुरी (उज्जैन )में क्षिप्रा नदी के पावन तट पर अर्ध कुंभ का आयोजन किया जाएगा ।उज्जैन में स्नान 14 मई से आरंभ हो जाएंगे।
महाकाल की नगरी उज्जैन में स्नान की अन्य तिथियां इस प्रकार हैं:
17, 19,23 और 24 मई।
मुख्य स्नान शाही स्नान 26 मई वैशाख पूर्णिमा को होगा।
नासिक में भी इस बार अर्ध कुंभ का आयोजन कुंभ के गुरु और सिंह के सूर्य होने पर भाद्रपद मास की अमावस्या से नासिक में गोदावरी नदी के तट पर अर्ध कुंभ का संयोग बनेगा। स्नानार्थी एवं श्रद्धालु जन 30 अगस्त से नासिक में पहुंचना आरंभ हो जाएंगे ।नासिक में मुख्य पांच स्नान होंगे।
30 अगस्त 2021 ,श्री कृष्ण जन्माष्टमी प्रथम स्नान ।
3 सितंबर 2021 ,अजा एकादशी व्रत ,द्वितीय स्नान ।
तृतीय मुख्य और शाही स्नान 6 सितंबर 2021 सोमवार को होगा।
चतुर्थ स्नान 9 सितंबर 2021 हरितालिका तीज व्रत के दिन होगा ।
10 सितंबर 2021 श्री गणेश जयंती के अवसर पर पंचम स्नान होगा।
भारतवर्ष में अगले वर्ष 3 कुंभ पर्व के आयोजन विश्व पटल पर भारत की सांस्कृतिक विरासत को समृद्धि करेंगे और आध्यात्मिकता से ओतप्रोत इन कुंभ पर्व को विश्व पटल पर नये कीर्तिमान रचेंगे। पंडित शिवकुमार शर्मा आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिष रत्न ।
अध्यक्ष -शिवशंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र ,गाजियाबाद
Nice