*गोवर्धन ,अन्नकूट पूजा और भैया दूज के शुभ मुहूर्त*
दिनांक 15 नवंबर 2020 को अन्नकूट उत्सव और गोवर्धन पूजा की जाएगी। ब्रज मंडल में अन्नकूट का बहुत ही बड़ा महत्व है। 56 व्यंजनों का भगवान गिरिराज गिरधारी कृष्ण जी को भोग लगाया जाता है ।प्रातः 10:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक इसके लिए बहुत शुभ मुहूर्त है।
गोवर्धन पूजा के लिए शाम 6:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक अच्छे मुहूर्त हैं।
गोवर्धन के तीन अर्थ हैं :
गोवर्धन अर्थात गायों के वर्धन के लिए की गई पूजा। हमारा देश कृषि प्रधान देश रहा है ।गायों का इसमें बड़ा योगदान है इसलिए गऊपूजन परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए इस दिन पशुओं की पूजा की जाती है।
गोवर्धन अर्थात वह पर्वत जिसको भगवान श्री कृष्ण ने ब्रज की रक्षा के लिए उंगली पर उठा लिया था और इंद्र को हार माननी पड़ी थी।
आज भी उत्तर भारत में गोवर्धन की पूजा बहुत ही हर्षोल्लास से मनाई जाती है
घरों में गोबर से गोवर्धन की आकृति बना कर उसमें पशु ,चारा, किसान आदि दर्शाते हैं। वास्तव में यही हमारे भारत का दर्शन है। शाम को सभी परिवार वाले अथवा सामूहिक रूप से भी इसका पूजन करते हैं । गोवर्धन पूजन का मंत्र है:
*ओम् नमो भगवते वासुदेवाय कृष्णाय क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः।*
*लक्ष्मीर्या लोकपालानां धेनु रूपेण संस्थिता।*
*नमस्तस्मै नमस्तस्मै नमस्तस्मै नमो नमः।*
गिरिराज पूजन के समय हलवा, पुरी,गन्ना ,मूली ,सिंघाड़े आदि से भगवान गिरिराज को भोग लगाकर सभी लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं।
*भैया दूज-भैया को तिलक करने का शुभ मुहूर्त*
दिनांक 16 नवंबर 2020 को भैया दूज का पर्व मनाया जाएगा इस दिन बहनें अपने भाई के तक लगा कर के उनकी लम्बी आयु की कामना करती हैं।
स्थिर लग्न में भैया को तिलक करना बहुत शुभ रहता है।
9:00 तक राहुकाल है। उसके पश्चात 9:05 से 11:09 तक धनु लग्न श्रेष्ठ है।
स्थिर लग्न का समय इस प्रकार है। दोपहर 12: 51बजे से 14:19 बजे तक कुंभ लग्न।
शाम 17:20 बजे से 19:20 बजे तक वृषभ लग्न।
उपरोक्त मुहूर्त में बहने अपने भाइयों का तिलक कर सकती हैं, जो बहुत शुभ रहेगा।
इस दिन भगवान विश्वकर्मा जयंती भी मनाई जाएगी। यद्यपि कुछ लोग 17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती मानते हैं ।लेकिन कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को ही इसका सबसे बड़ा महत्व है। 16 नवंबर को उदय कालीन तिथि प्रतिपदा रहेगी, इसलिए विश्वकर्मा का पूजन भी उस दिन होगा। कारखानों, फैक्ट्रियों आदि में अपने उपकरण , उपकरणों , मशीनों आदि की पूजा करके पूरे वर्ष भर अच्छे व्यापार की कामना की जाती है।
पंडित शिवकुमार शर्मा आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिष रत्न।
अध्यक्ष शिवशंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र गाजियाबाद।
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