चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण का वास्तविक ज्ञान

27Oct
*आगामी समय में चंद्र ग्रहण व सूर्य ग्रहण का वास्तविक ज्ञान*
आजकल टेलीविजन चैनल , यूट्यूब चैनल और व्हाट्सएप या फेसबुक पर ग्रहण की बड़ी जोर शोर से सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग तो यहां तक अफवाह उड़ा रहे हैं कि 1 महीने में दो ग्रहण  होना बहुत ही अशुभ है। वैसे 1 महीने में दो ग्रहण होना बहुत अशुभ ही माना जाता है।
वास्तविकता क्या है ?इसकी जानकारी देने के लिए मैंने आज का अंक लिखा है।
आगामी 30 नवंबर 2020 को चंद्र ग्रहण नहीं है । यह एक उपछायी चंद्र ग्रहण है,, इसमें चंद्रमा पृथ्वी की विरल छाया से गुजरेगा और चंद्र की कांति /प्रकाश मामूली सा मलिन हो जाएगा । इसलिए यह ग्रहण की श्रेणी में नहीं आता है।और ना ही इसका जन जीवन व राशियों पर कोई प्रभाव पड़ता है। सूतक आदि का  पालन भी नहीं किया जाएगा। क्योंकि जब ग्रहण  ही नहीं तो सूतक भी नहीं लगेगा।चंद्र ग्रहण होने पर ही सूतक  आदि के  उपाय काम करते हैं।
14 दिसंबर 2020 को सूर्य ग्रहण तो है, लेकिन वह भारत में दृश्य नहीं है। वह 14 दिसंबर की रात्रि को 19:04 से 23:24 के मध्य पश्चिम देशों में दिखाई पड़ेगा। क्योंकि भारत में उस समय रात्रि होती है तो भारत में उस ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं होगा और न ही सूतक  आदि का विचार माना जाएगा।
कुछ लोग कह रहे हैं कि जब सूर्य ग्रहण अथवा चंद्रग्रहण कहीं भी होता है तो इसका सारी पृथ्वी पर प्रभाव पड़ता है। इस पर विचार करने वाली बात यह है कि दिन में अगर सूर्य हमारे यहां दृश्य मान है तो उसका प्रत्यक्ष /डायरेक्ट  लाभ मिलता हैजैसे  प्रकाश होता है। धूप व गर्मी होती है ।लेकिन यदि सूर्य हमारे क्षेत्र में है ही नहीं ,पश्चिम देशों में उस समय निकल रहा होगा इससे उस समय भारत में रात्रि होगी तो उसका प्रभाव यहां कैसे हो सकता है। इसलिए इन कुतर्कों से बच कर  आप निश्चिंत रहें और यहां पर ग्रहण आदि की कोई समस्या नहीं है।
पंडित शिवकुमार शर्मा आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिष रत्न
अध्यक्ष- शिव शंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र, गाजियाबाद

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