*जन्मपत्री मिलान में कितनी विसंगतियां?*
जब लड़के लड़की की आयु विवाह योग्य हो जाती है तो दोनों की जन्म कुंडली मिलान पर चर्चा होती है। और अपने मुख्य पुरोहित के पास जाकर के लोग कुण्डली मिलवाते हैं।
आजकल बहुत से लोग स्वयं ही जन्मपत्री मिलाने लगे हैं ।नेट खोला और फ्री के जन्म कुंडली सॉफ्टवेयर में जाकर कुंडली मिलान देखते हैं ,अट्ठारह हुए तो मान लेते हैं की जन्म कुंडली मिल गई है ।ग्रह मिले या ना मिले। कई बार तो मेरे पास फोन आते हैं आचार्य जी, हम तो आ नहीं सकते हैं हमने नेट पर देखा है। 18 गुण मिल रहे हैं ,क्या शादी कर सकते हैं अब मैं उसे क्या कहूं क्या गुण मिलना प्रमाणिकता है? कई लोग तो व्हाट्सएप ईमेल पर
पर लड़के लड़कियों की डेट ऑफ बर्थ भेज देते हैं और पंडित जी को फोन लगाते हैं ।पंडित जी कृपया मिलान कर दीजिए यह इतना महत्वपूर्ण विषय है लड़के लड़की दोनों अनजान होते हैं। उनके परस्पर गुण, रुचियां,स्वभाव मालूम करना टेढ़ी खीर है। मेरा सभी से प्रश्न है की विवाह जैसे महत्वपूर्ण विषय में जानकारी के लिए आपके पास अपने पुरोहित के पास या आचार्य के पास जाने का भी समय नहीं है तो फिर दोष पंडित को क्यों देते हो ? हद तो तब होती है जब अपने बालक /बालिका की जन्म डिटेल्स व्हाट्सएप करने के बाद यजमान फोन करता है ,पंडित जी मैं 10 मिनट बाद फोन करूंगा। अब बताइए विवाह जैसे गुण मिलान, ग्रह मिलान सब कुछ देखने के लिए कम से कम 3 घंटे का समय चाहिए। फोन पर आचार्य गणना करेगा ।10 मिनट में क्या मिलान हो सकता है। कुंडली मिलान का अर्थ है केवल गुण मिलान नहीं है इसके साथ-साथ ग्रहों का परस्पर मेल ,मित्रता, स्वभाव आदि देखना पड़ता है जो 1 घंटे में भी नहीं हो सकता है
कुछ समाज में फैली विसंगतियां
मेरे पास अक्सर साल में 5-7 लोगों ऐसे आते हैं जो मैगजीन, अखबार से कई बच्चों की डिटेल्स लिख लेते हैं और अपनी बेटी और बेटे के लिए मिलान करवाना चाहते हैं एक दिन एक यजमान आए। 8 लड़कों की जन्मतिथि उनके पास थी ।
मेरे पास आ गए और 2 घंटे तक बैठे रहे जन्मपत्री में मिलवाते रहे अब बताइए कि एक-दो घंटे में जन्म कुण्डलियां मिलान संभव है क्योंकि उनके पास टाइम नहीं है। और दक्षिणा के नाम पर जब वह जाने लगे 500 नोट निकाला और कहा पंडित जी 400 खुले हैं क्या? बताइए ऐसे व्यक्ति को क्या कहा जाए। क्या 8 कुण्डलियां 2 घंटे में मिलान संभव है ।कदापि नहीं। क्योंकि आजकल धैर्य न तो पंडित जी को है और यजमान के पास।100,200 रूपए देकर बच्चों के दाम्पत्य जीवन की गारंटी चाहते है ।सोचने का प्रश्न है। मैं तो कहता हूं जन्मपत्री के डिटेल मेरे पास छोड़ जाइए, दो दिन बाद मिलेगी ।एक जन्म पत्रिका मिलान की दक्षिणा 1100 रूपए होगी। ऐसे दो चार व्यक्ति आये।जब मैंने उनसे कहा तो वे चले गए ,बरसों बीत गए दोबारा नहीं आए ।
*कुछ और विसंगतियां*
एक दंपत्ति आए ,जन्मपत्री मिलवाकर ले गए ।दूसरे पक्ष वालों ने भी कुंडली मिलवाई ,उनके पंडित जी का फोन आया ,आचार्य जी आपने कुण्डली कैसे मिलाई है, लड़की का पाया तो लोहे का है , ऐसे तो बहुत खराब होता है ,घर में अनिष्ट हो सकता है मैंने तुरंत कहा, पंडित जी! आपके घर में कितने सदस्य हैं? उसने कहा -क्या मतलब! मैंने कहा ,मतलब यह कि आप 6 मेंबर है, जानता हूं, सब की कुंडलियां चेक कीजिए ।कम से कम दो सदस्यों के पाये लोहे के होंगे ,पहले उन को घर से निकाल दो, ऐसा सुनते ही उन्होंने फोन रख दिया।
दूसरे मिथ्या धारणा चल रही है कि मंगली दोष 27 साल बाद स्वयं ही खत्म हो जाता है ऐसा नहीं है ,मैंने जो शोध किया है और अनुभव में आया है 27 साल के बाद तो मंगल और अधिक प्रभावी हो जाता है।
पंडित शिवकुमार शर्मा, आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिष रत्न
अध्यक्ष- शिव शंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र गाजियाबाद.
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