पशुओं को खाना खिलाने से होता है चमत्कार। जानिए ग्रहों के अनुसार किस पशु को क्या खिलाएं।

27Oct
*पशुओं को खाना खिलाने से होता है चमत्कार*
*जानिए ग्रहों के अनुसार किस जानवर को क्या खिलाए*
हिंदू समाज में मानव सेवा के अतिरिक्त अन्य पशु पक्षियां की सेवा करना भी बहुत पुण्य माना गया है।
इसी के अंतर्गत आज हम कुछ ऐसे जानवरों के नाम बताएंगे। जिनको ग्रहों की शांति के लिए भोजन कराने से बहुत लाभ होता है।
*गाय को भोजन कराना*
हिंदू धर्म में गाय को सबसे पवित्र पशु माना गया है। भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। ऐसा माना जाता है कि गाय के शरीर में 33 कोटि देवताओं का वास है। गाय को प्रातः काल रोटी खिलाना बहुत ही शुभ होता है ।रोटी खिलाने लाने के कुछ नियम है।
गाय को हमेशा ताजी रोटी खिलाएं। कुछ लोग रात की रखी हुई बासी रोटी गाय खिलाते हैं, जो लाभ के स्थान पर हानि करती है ।इसलिए गाय को हमेशा ताजी रोटी ही खिलाएं।
गाय को रोटी खिलाने से घर में अनिष्ट नहीं होता है।देवता हमेशा प्रसन्न रहते हैं।
सोमवार को रोटी पर मक्खन ,बूरा, शक्कर आदि रखकर गाय को खिलाने से चंद्रमा का दोष होता है।
मंगल और बृहस्पति के दोषों या अशुभ   प्रभाव को शांत करने के लिए रोटी में गुड व हल्दी का टीका लगाकर  गाय को खिलाने से मंगल और बृहस्पति संबंधी दोष समाप्त होते हैं।
*कुत्ते को रोटी खिलाना*
कुत्ता हमारे समाज का अभिन्न अंग है ।इसकी स्वामी भक्ति से हम सभी भलीभांति परिचित है।
यदि आपने कुत्ता पाला हुआ है तो वह आपके अशुभ ग्रहों को समाप्त कर देता है। कई बार देखने में आता है कि कभी कभी कुत्ता अचानक बीमार पड़ जाता है अथवा मर जाता है। इसके उपरांत घर में बीमार चल रहा कोई व्यक्ति धीरे धीरे ठीक हो जाता है। अर्थात गृहस्वामी के  बुरे ग्रह को अपने ऊपर ले कर वह कष्ट पाता है।
कुत्ते को पालने का नियम यह है कि घर में उसके लिए अलग से कोई स्थान बनाया जाए ।क्योंकि ऐसा भी माना गया है कि घर में हर जगह: कमरे में, रसोई में, बैठक में कुत्ते के भ्रमण करने से घर के पितृ व देवता उस घर का भोग ग्रहण नहीं कर पाते हैं ।
यदि राहु और केतु आपके अशुभ चल रहे हैं तो कुत्ते को दूध ,रोटी/ ब्रेड अथवा बिस्कुट हर रोज खिलाएं। राहु व केतु संबंधी परेशानियां और कष्ट दूर होंगे। मानसिक तनाव दूर होगा और संघर्ष की सीमाएं कुछ कम हो जाएंगी।
अमावस्या को कुत्ते को घी से चिपडी हुई रोटी खिलाने से जीवन के संकटों से मुक्ति पाई जा सकती है।
*बंदर को खाना खिलाना*
यदि आपको  मंगल के अशुभ प्रभाव के कारण गुस्सा अधिक आ रहा है। भाई से विचार नहीं मिलते ,चोट आदि की संभावना रहती है तो मंगलवार को गुड़ और चना अथवा केला बंदरों को खिला कर  उपरोक्त समस्याओं से मुक्ति पा सकेंगे।
*कौवे को को भोजन कराना*
हिंदू धर्म में  कौवों को पितरों का कारक बताया गया है।
पितृपक्ष में अपने पूर्वजों को स्मरण करते हुए कौवों को भोजन कराया जाता है।
यदि आपके साथ कुछ अजीब सा हो रहा है, मन अशांत है, अज्ञात भय की आशंका है ऐसे में आप कोवौं को मीठे  पीले चावल खिलाएं।
कोवौ को सतनजा खिलाने से भी
शनि ,राहु व केतु के दोष कम होते हैं।
*हाथी को भोजन कराना*
हाथी को गणेश का कारक माना गया है।
वर्तमान समय में हाथी अक्सर गांव अथवा शहरों में कम ही दिखाई देते हैं। जब कभी भी हाथी पालक हाथी लेकर आपके गांव में अथवा मोहल्ले में आ रहा है। तो उस अवसर को आप हाथ से ना जाने दें। व्यापार वृद्धि , विद्या बुद्धि लब्धि के लिए और जीवन में उचित मान सम्मान प्राप्त करने के लिए हाथी को केला, गन्ना आदि अपने हाथ से अवश्य कराएं।
*चिड़िया को दाना खिलाना*
गोरैया आदि पक्षी किसानों के मित्र होते हैं ।ये पक्षी हानिकारक कीटाणुओं और हानिकारक छोटे-छोटे जंतुओं को खाकर फसल एवं पर्यावरण की रक्षा करते हैं।
गांव में सर्दियों में चिड़िया को चावल, धान, गेहूं ,बाजरा आदि खिलाने की परंपरा थी ।लोग अपने परिवार में प्रसन्नता से रहते थे।
यदि आप चाहते हैं कि आपके घर परिवार में आपस में प्रेम व स्नेह की प्रवृत्ति बनी रहे। संतान आज्ञाकारी हो तो पक्षियों को दाना खिलाने से आप उपरोक्त उपलब्धियों को प्राप्त कर सकते हैं।
पंडित शिवकुमार शर्मा ,आध्यात्मिक गुरु व ज्योतिष रत्न 
अध्यक्ष – शिवशंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र, गाजियाबाद,

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