वास्तु है सबके लिए (भाग-30 )
*देसी फेंगशुई के अनोखे प्रयोग*
*प्रकाश सुगंध और जल का महत्व*
*भारतीय वास्तु शास्त्र में प्रकाश, सुगंध और जल का भी बहुत ही महत्व है! अब क्रम से इनके बारे में आपको बताऊंगा!
*सुगंध*
सुगंधित पुष्प ,लकड़ी, इत्र आदि वस्तुएं अपने सुगंधित प्रभाव के कारण वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि करती हैं !इससे घर का वास्तु दोष काफी मात्रा में कम हो जाता है !सुगंधित द्रव्यों का घर में उपयोग करने से घर से निराशा का भाव ,तनाव उत्साह हीनता की स्थिति दूर हो जाती है! सामान्य रूप से धूपबत्ती ,अगरबत्ती प्रत्येक घर में जलाई जाती है !प्रातः कालीन पूजा में हम दीपक के साथ साथ धूपबत्ती भी जलाते है धूपबत्ती के सूक्ष्म धुएँ से घर का वातावरण तो सुगंधित रहता ही है! इसके प्रभाव से घर में सदैव सकारात्मक शक्तियां ही रहती हैं! प्रत्येक कोने से दूषित वायु भी दूर जाती है! धूप बत्ती का उपयोग करने से पहले हमें यह जान लेना चाहिए की धूपबत्ती शुद्ध वनस्पति आदि से बनी है या नही! क्योंकि आजकल धूपबत्ती बनाने में केमिकल्स का प्रयोग बहुत होता है! ऐसी धूपबत्ती लाभ की अपेक्षा हानि अधिक करेंगी!इसके अलावा चंदन का प्रयोग भी सुगंध के लिए किया जाता है !कुछ घरों में प्रतिदिन चंदन की लकड़ी घिसकर तिलक लगाते हैं !यह परंपरा बहुत अच्छी है! शुद्ध चंदन की तिलक से हमारे शरीर के कई विकार दूर हो जाते हैं! साथ साथ ऐसा माना गया है जिस घर में नित्य प्रति चंदन घिसा जाता है, उस घर से नकारात्मक ऊर्जा एवं व्याधियाँ समाप्त हो जाती हैं!
आजकल घर ,ऑफिस ,दुकान आदि मे कृत्रिम सुगंध के लिए तरह-तरह के परफ्यूम एवं इत्र का प्रयोग होता है !इससे भी वहां का वातावरण सकारात्मक होकर अच्छे प्रभाव देता है !
*प्रकाश*
वास्तु में प्रकाश का भी बहुत महत्वपूर्ण स्थान है! *तमसो मा ज्योतिर्गमय* के अनुसार हम सब अंधकार से प्रकाश की ओर जाना चाहते हैं !यदि हमारे घर में किसी कोने में प्रकाश नहीं पहुंच पाता या वह हमेशा बंद रहता है तो वहां पर ऊर्जा का प्रभाव असंतुलित हो जाता है और क्षेत्र में अनावश्यक अड़चनें उत्पन्न होकर गृह स्वामी के लिए समस्याएं उत्पन्न कर देता है इसलिए घर को सदैव प्रकाश युक्त रखें प्रात काल और शाम को घर के प्रत्येक कक्ष को प्रकाश से युक्त करना चाहिए! मुख्य द्वार पर एक बल्ब या ट्यूब लाइट लगाएं !शाम होते ही उसको जला दें !कई घरों में मैंने देखा है कि शाम होते ही बाहर मुख्य द्वार पर अंधेरा रहता है ऐसे घर में कभी भी तरक्की नहीं होती है! शाम के समय अपने घर के सब लाइट्स बल्ब आदि उपकरण जला देना चाहिए किसी क्षेत्र की उर्जा का संतुलन बनाने के लिए विशेष प्रकाश की व्यवस्था करनी चाहिए! जैसे यदि आपके घर में शौचालय उत्तर या पूर्व में बने हुए हो उसमें पीला बल्ब जलाएं! दक्षिण-पश्चिम पश्चिम में कोई दोष हो, घर में अनावश्यक धन की हानि होती हो या गृह बीमार रहता है तो दक्षिण पश्चिम में लाल रंग का प्रकाश करना चाहिए! पूजा घर में सफेद या पीला बल्ब लगा कर प्रकाश करें! ड्राइंग रूम में लोगों को आकर्षित करने के लिए तथा उनसे मनोवांछित लाभ प्राप्त करने के लिए झाड़ फानूस लगाना चाहिए! शाम के समय झाड़ फानूस को भी प्रकाशित कर देना चाहिए !इसके प्रभाव से परिवार में सदस्यों के बीच परस्पर प्रेम, तालमेल और सहयोग बढ़ेगा कन्याओं के कक्ष में झाड़ फानूस लगाने से और उसे अच्छी प्रकार जलाने से उसके विवाह में आई हुई अड़चनें शीघ्र दूर हो जाती हैं! आजकल पाश्चात्य परंपरा के अनुसार ऑफिस या विशेष कार्य स्थलों में मोमबत्ती जलाने का भी रिवाज बढा है! मोमबत्ती हमेशा पूर्व या दक्षिण दिशा में ही जलानी चाहिए.! मोमबत्ती का मंद्धिम प्रकाश और उसके द्वारा उत्पन्न सकारात्मक ऊर्जा घर के वास्तु को संतुलित कर देती है!
*जल*
वास्तु में जल का बहुत ही महत्व है!जल ही जीवन है !यह तो हम सब जानते हैं! बिना जल के जीवन असंभव है! वास्तु शास्त्र के अनुसार भी जल बहुत उपयोगी है! घर के लॉन में लगा हुआ फव्वारा लक्ष्मी को आकर्षित करता है! घर के मुख्य द्वार में यदि वह पूर्व या उत्तर में है तो बहुत शुभ रहता है! घर में फव्वारा या उसका प्रतीक लगा देने से घर में सकारात्मक ऊर्जा, धन की आवक आरंभ हो जाती हैं! मछली घर लगाने का भी आजकल बहुत प्रचलन है! मछली घर वैसे तो घर में लगानी नहीं चाहिए! लेकिन यदि आप चाहते हैं और आधुनिकता का भूत सवार है तो उसे पूर्व दिशा या उत्तर दिशा में लगाना चाहिए! ज्योतिष में जल को अमृत और मछली को राहु को विष की संज्ञा दी गई है! यद्यपि जल मछलियों का घर है! किंतु यह घर समुद्र या नदी या तालाब में ही अच्छा रहता है; यह संबंध घर में रखने से हमारे घर में चंद्र राहु का विष योग आरंभ हो जाता है! इसलिए ध्यान रखें घर में फिश एक्वेरियम या मछली घर लगाने से बचें! क्योंकि कई घरों में देखा है कि मछलियां बहुत मर जाती हैं !दूसरी बात उन्हें नॉनवेज से बना हुआ दाना ही प्रिय है !इसलिए हमें मछलियों को घर में पालने से बचना चाहिए !
घर के द्वार पर पानी की सीनरी लगाएं या ओरिजिनल फव्वारा लगाएं तो उसके जल के बहने की दिशा घर के अंदर की ओर होनी चाहिए !इससे घर में धन आने का संकेत मिलता है !कभी भी बेडरूम में या नवविवाहित पति पत्नियों के कक्ष में पानी से बना फव्वारे की सीनरी या पानी व दृश्य नहीं लगाना चाहिए! यदि किसी के घर का द्वार दक्षिण दिशा की ओर है तो वहां भी फव्वारा लगाने से बचें !
पंडित शिवकुमार शर्मा ,आध्यात्मिक गुरु और ज्योतिष रत्न
अध्यक्ष- शिवशंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र गाजियाबाद
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