वास्तु है सबके लिए ( भाग-35)
*साबुत नमक ,सेंधा नमक और फिटकरी के अनोखे प्रयोग*
हमारे देश में प्रकृति ने हमें इतना सब कुछ दिया है ,किंतु हमारा फेंगशुई के आकर्षक वस्तुओं के प्रति इतना
झुकाव है कि बिना सोचे समझे फेंगशुई के आर्टिकल्स को अपने घरों में सजा रहे हैं।
हमारी प्रकृति में इतनी गुणकारी प्राकृतिक संसाधन हैं ,हम उनके प्रयोग से अपने वास्तु को ठीक कर सकते हैं।
आज हम बात करते हैं साबुत नमक, सेंधा नमक और फिटकरी के बारे में।
*साबुत नमक के वास्तु शास्त्रीय उपयोग*
आज हम जो सफेद हमें खा रहे हैं, वह हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है ।आज से 25 -30 साल पहले घर-घर में साबुत नमक का प्रयोग होता था। लोग बीमार कम होते थे किंतु आज हम विज्ञापनों के चक्कर में साबुत नमक की गुणवत्ता को भुला बैठे हैं।
यह साबुत नमक स्वास्थ्य के लिए तो उपयोगी है ही ,साथ-साथ वास्तु दोष निवारण के लिए भी बहुत प्रभावी उपाय है।
1. यदि आपके घर में नेगेटिव एनर्जी की मात्रा बहुत अधिक है तो अपने घर में हम नमक के माध्यम से विलोम अनुलोम प्रक्रिया अपनाकर घर की पॉजिटिव एनर्जी को जागृत कर सकते हैं। थोड़े हल्के गर्म पानी में साबुत नमक की कुछ डली डालें और उस पानी से पूरे घर में पोंछा लगाएं। थोड़ी देर बाद ठंडे पानी से पुनः पोंछा लगाएं ,ऐसा दो-तीन बार करने से आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा जागृत हो जायेगी।
2. यदि घर में शौचालय की स्थिति अच्छी नहीं है। शौचालय गलत दिशा में है तो एक कांच के कटोरे में थोड़ा साबुत नमक रखें। 2 महीने के बाद उसे डस्टबिन में डाल दें और फिर नया नमक रख दें। यह प्रक्रिया अपनाने पर शौचालय का वास्तु दोष समाप्त हो जाएगा।
3. यदि आपके घर में बिजली का मीटर और तारों की स्थिति साउथ ईस्ट में नहीं है तो उस क्षेत्र में साबुत नमक बिजली के मीटर के आस पास रख दें।
*सेंधा नमक का वास्तु शास्त्र में उपयोगी प्रयोग*
सेंधा नमक भी वास्तु शास्त्र के अनुसार दोष मुक्त करने के लिए
बहुत उपयोगी है।
1. सैंधा नमक सफेद नमक से बहुत अधिक उपयोगी होता है। सेंधा नमक नियमित खाने से शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
2. यदि घर में किसी कोने में वास्तुदोष हो और नेगेटिव एनर्जी का प्रभाव बढ़ गया हो ,उस कोने में सेंधा नमक का एक बड़ा टुकड़ा उस दिशा में कांच या प्लास्टिक की प्लेट में रख देंने से बहुत लाभकारी होता है।
3. आजकल सेंधा नमक के साल्ट लैंप तैयार किए जा रहे हैं ।उसमें अंदर खोखला करके एक बल्ब फिट कर देते हैं । बल्ब के जलने से सेंधा नमक उर्जा का प्रफुस्टन तेजी से होता है। सुबह शाम उसे जलाने से घर की नेगेटिव एनर्जी समाप्त होते देखी गई है।
*फिटकरी के वास्तु शास्त्रीय उपयोग*
फिटकरी दो प्रकार की होती है: सफेद फिटकरी और गुलाबी फिटकरी।
फिटकरी एंटीसेप्टिक पदार्थ है। सेविंग के पश्चात मुंह पर लगाने से शरीर रोगाणु मुक्त होता है। पैरों में दर्द होने पर गर्म पानी में फिटकरी मिलाकर उसमें पैर रखने से दर्द, इन्फेक्शन शीघ्र दूर हो जाता है।दाढ़ या दांत दर्द में फिटकरी के पानी का कुल्ला करने से राहत मिलती है।
1. यदि आपका मन घर में नहीं लगता है ,बेडरूम में आपको नींद नहीं आती है अथवा घर में आते ही नेगेटिव फीलिंग होती है। इस अवस्था में गुलाबी फिटकरी के कुछ टुकड़े कांच की प्लेट में उस स्थान विशेष पर रख दे।
2.घर में प्रवेश के समय यदि आपको कुछ अच्छा नहीं लगता है ,तो ड्राइंग रूम अथवा मुख्य द्वार के पीछे कांच की प्लेट में गुलाबी फिटकरी रखें।
3. यदि बेडरूम में या लिविंग रूम में आपका मन नहीं लगता है ,नींद ठीक प्रकार से नहीं आती है ।बुरे स्वप्न आते हैं तो अपने सिरहाने की ओर किसी स्टूल पर कांच की प्लेट में गुलाबी फिटकरी का आधा किलो का टुकड़ा रख दे अंतर स्वयं महसूस करें।
4. आजकल फिटकरी के विशेष गुणों को देखते हुए पिरामिड के आकार के टुकड़े और तरह-तरह के सज्जा युक्त फिटकरी बाजार में काफी मात्रा में मिलती हैं।
5. यदि आप का बालक पढ़ाई में कमजोर है अथवा उसका मन एकाग्र नहीं होता है तो उसकी पढ़ने की मेज पर या उसके कमरे में एक गुलाबी फिटकरी का टुकड़ा और एक सफेद फिटकरी का टुकड़ा कांच की प्लेट में रख दें। आशातीत लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
पंडित शिवकुमार शर्मा आध्यात्मिक गुरू एवं ज्योतिष रत्न।
अध्यक्ष -शिव शंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र, गाजियाबाद
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