वास्तु है सबके लिए ( भाग 34)
*देसी फेंगशुई के अनोखे प्रयोग*
*शीशा (दर्पण),काले घोड़े की नाल और घंटी के उपयोगी उपाय*
हमारे जीवन में कुछ ऐसी अनोखी वस्तुएं हैं जिनका हम नित्य प्रति प्रयोग करते हैं। किंतु उनके अन्य उपयोगी उपायों को कम लोग ही जानते हैं। उसी श्रृंखला में
दर्पण ,घंटी और घोड़े की नाल के बारे में चर्चा करेंगे।
*वास्तु में दर्पण का महत्व”
चेहरा देखने वाला दर्पण वास्तु शास्त्र में बहुत ही उपयोगी माना गया है। दिशाओं को बढ़ाने का भ्रम करने वाला यह दर्पण कई बार तो चौकानेवाले प्रभाव दिखाता है।
1. यदि घर का उत्तर पूर्व का कोना कटा हुआ है। तो उस दिशा में एक बड़ा लुकिंग मिरर लगा देने से दिशा भ्रम हो जाता है। वह दिशा बढ़ती हुई प्रतीत होती है ।इससे उसका वास्तु दोष समाप्त हो जाता है।
2. यदि घर के सामने कोई खंबा, पेड़, किसी मकान का कोना ,कूड़ा, खंडहर आदि हो तो घर के मुख्य द्वार की चौखट के ऊपर एक गोल शीशा लगा देने से घर में आने वाली नकारात्मक शीशे से टकराकर बाहर चली जाती है।
3. डाइनिंग रूम में उत्तर पूरब की दीवार पर ओवल शेप का एक बड़ा शीशा लगा देना चाहिए इससे भोजन करने वालों का और भोजन का प्रतिबिंब उसमें दिखाइए इससे घर में समृद्धि बढ़ती है।
4. ड्रेसिंग रूम में शीशा सदैव उत्तर अथवा पूर्व की दीवार पर ही लगाना शुभ होता है भूलकर भी शीशे को दक्षिणी दीवार पर न लगाएं।
5. कभी भी शयन कक्ष में शीशा न लगाएं उस कक्ष में सोने वाले व्यक्तियों के संबंधों पर बुरा असर पड़ता है।
*घंटी के लाभकारी उपयोग*
घंटा अथवा घंटी ऐसी वस्तु है जो प्राय मंदिरों में और अपने घरों के मंदिर में आसानी से मिल जाती हैं। जिनका प्रयोग हम आरती के समय या मंदिर में प्रवेश के समय ,भगवान जी को भोग लगाने के समय करते हैं। इसके अलावा भी घंटी के कई उपयोग है।
1. घंटी वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा भर देती है ।जहां पर घंटी या घंटे की ध्वनि होती है ।वहां से नकारात्मक शक्तियां दूर चली जाती हैं। इसलिए हमें प्रातकाल उठकर स्नान करने के बाद अपने घर की घंटी को घर के मुख्य द्वार और मंदिर में अवश्य बजाएं।
2. घर के मुख्य द्वार में के सामने दो अथवा तीन द्वार एक सीध में हो तो एक पीतल की छोटी घंटी बीच के द्वार पर टांग दें। आजकल फवन घंटी अभी बहुत प्रचलन में हैं, जिसमें 5,7, 9 धातु की रोड होती है। ऐसी पवन घंटी या विंड चाइम भी हम ऐसे द्वारों के बीच में टांग सकते हैं। किन्तु ध्यान रहे कि घंटियों की आवाज कर्कश न हो, बहुत सुरीली आवाज हो तो ही लाभ करती हैं।
3. यदि आपके छोटे बच्चे पढ़ाई में कमजोर हैं तो एक उपाय करें ,जब वह अपनी पढ़ने को बैठे तो कम से कम 1 मिनट पीतल की घंटी उसकी स्टडी टेबल के पास बजाएं। वहां का वातावरण हो उर्जित हो जाएगा और बच्चों का मन एकाग्र होकर पढ़ाई में लगेगा।
*काले घोड़े की नाल के लाभकारी उपयोग*
प्राचीन काल से ही घोड़े की नाल अथवा नाव की कील को बहुत ही मान्यता प्राप्त हुई है ।ऐसा माना जाता है जो व्यक्ति बहुत संघर्ष करता है ।वह आखिर में स्वर्ण की भांति तप करके निकलता है। ऐसे ही घोड़े की नाल घोड़े के पैर में रहती है और घिस घिस करऊर्जावान बन जाती है। इसी प्रकार नाव की कील लगातार पानी के थपेडें खा कर के ऊर्जित हो जाती है। यदि काले घोड़े की नाल मिल जाए तो बहुत अच्छी होती है ।घर के द्वार के वास्तु दोष को समाप्त करने के लिए घर के द्वार पर टांग देते हैं । U शेप की घोड़े के नाल घरों में नीचे की ओर करके लगाते हैं। फैक्ट्री अथवा कार्यालय में ऊपर की ओर करके लगाते हैं ।ऐसा माना जाता है घोड़े की नाल से घर हमारा बुरी ऊर्जाओं से संरक्षित हो जाता है। शनि की महादशा अथवा साढ़ेसाती के समय घोड़े की नाल की अंगूठी या छल्ला बनाकर भी लोग पहनते हैं। इससे भी बहुत लाभ होते देखा गया है।
पंडित शिवकुमार शर्मा, आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिष रत्न।
अध्यक्ष- शिवशंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र गाजियाबाद
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