सौभाग्यवती महिलाओं को बुधवार का विचार

27Oct
*सौभाग्यवती महिलाओं को बुधवार का विचार*
अकसर आपने सुना होगा जब कोई नववधू ,लड़की या सौभाग्यवती  महिला अपने ससुराल से अपने पीहर जाती है, या पीहर से ससुराल आती है तो कहते हैं बुधवार हैं इस दिन  ससुराल जाना अथवा पीहर जाना सौभाग्यवती महिलाओं के लिए शुभ नहीं होता  है। आपने यह भी देखा होगा सौभाग्यवती महिलाएं सौभाग्य सामग्री जैसे चूड़ी, बिंदी, पाजेब बिछुवे आदि कभी भी बुधवार को नहींखरीदती है  और न ही नयी चूड़ी  बुधवार को धारण करती हैं।आओ इसका ज्योतिषीय दृष्टिकोण से  विचार करते हैं :.
ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह नपुंसक ग्रह माना गया  है क्योंकि बुधवार को बुध ग्रह का आधिपत्य रहता है।  इसलिए इसको ऐसा माना जाता है  महिलाएं यदि ससुराल से आती जाती हैं या पीहर आती जाती हैं और सौभाग्य सामग्री खरीदती है तो पति की आयु को कम करती है यदि वैज्ञानिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से देखें बुध ग्रह को नपुंसक ग्रह मानते है। क्योंकि गृहस्थ जीवन में पति पत्नी का संबंध सबसे महत्वपूर्ण है। बुधवार को सुख  सौभाग्य की इच्छा करने वाली महिलाएं इस विचार को मानती हैं बुध गृह को  कोमल राजकुमार के समान माना गया है जिसे गृहस्थी का कम अनुभव है ।जबकि गृहस्थ  जीवन में पति पत्नी के संबंध सुदृढ़ तथा ,परस्पर विश्वास होने से जीवन कल्याणकारी होता है।  ऋषि-मुनियों ने शोध से ऐसा पाया  और इसके नियम बना दिया कि बुधवार को सौभाग्यवती महिलाएं ना तो अपने ससुराल से पीहर जाएंगे और ना ही पीहर से ससुराल आएंगी इससे परस्पर संबंध खराब होते हैं। 
यदि खगोलीय दृष्टि देखें तो बुध ग्रह हमेशा सूर्य के साथ रहते हैं और सूर्य के प्रभाव में आकर के अधिकतर अस्त ही रहते हैं तो क्षीण बुध का पति पर अच्छा प्रभाव नहीं पड़ता है। किंतु वाणी त्वचा, जीभ और यौन संबंधों पर विशेष प्रभाव डालते हैं। इन चारों का संबंध बुध ग्रह से हैं यदि बुध अस्त होगा या सूर्य के नजदीक होगा तो उसका प्रभाव  अच्छा नहीं पड़ेगा ।मैंने कई कुंडलियों की अध्ययन के बाद पाया है कि जिसका बुध खराब है तो उस महिला को वाणी दोष होता है, बोलने में बहुत वाचाल होती है। त्वचा रोग अथवा गुप्त रोगों से पीड़ित हो सकती है। जिह्वा में स्वाद लोलुपता होगी। ऐसी महिलाओं को घर का भोजन अच्छा नहीं लगेगा हमेशा घर के बाहर के खाने खाने को उत्सुक रहेंगी।इन स्थितियों से  घर में कलह होगी।  यौन संबंध अच्छे न हो तो भी गृहस्थ जीवन अस्त व्यस्त हो जाएगा।  घर का वातावरण क्लेश युक्त हो जाएगा। यदि कुंडली में सप्तम भाव पर बुध व शनि का प्रभाव हो तो गृहस्थ जीवन सफल नहीं होता है। उपरोक्त विश्लेषण के आधार पर यह कहा जा सकता है हमारे ऋषि-मुनियों ने जो नियम बनाए हैं उनका हमें अवश्य ही पालन करना चाहिए ।
पंडित शिवकुमार शर्मा, आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिष रत्न गाजियाबाद।
Pt. Shiv Kumar Sharma

No Comments yet!

Your Email address will not be published.