**लोकतंत्र का मंदिर के शिलान्यास के समय चर और सौभाग्य योग बनाएगा सबसे प्रभावी लोकतंत्र*
अपने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी नै 10 दिसंबर 2020 दोपहर 12:30 पर नए संसद भवन का शिलान्यास किया। मार्गशीर्ष कृष्णा दशमी तिथि, दिन बृहस्पतिवार को चित्रा नक्षत्र, चर और सौभाग्य योग और स्थिर लग्न कुम्भ में संसद भवन का शिलान्यास होना बहुत ही शुभ माना जा रहा है।
शिव शंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र के आचार्य शिवकुमार शर्मा ने बताया कि स्थिर लग्न में ऐसे भवन का निर्माण जिस पर पूरे देश की आशाएं टिकी हो, बहुत ही शुभ होता है ।वैसे भी गृह निर्माण में स्थिर लग्न ही सबसे श्रेष्ठ माना जाता है और 12:30 पर कुंभ लग्न ( स्थिर लग्न) अति उत्तम और सुखकारी है।
शिलान्यास के समय के लग्न चक्र में सूर्य बुध और केतु दशम भाव में बहुत शुभ स्थिति में राहु की दृष्टि दशम भाव को सुदृढ कर रही है। नवम भाव (भाग्य भाव )में शुक्र अपनी तुला राशि में विराजमान है। जो देश को वैभवशाली और समृद्धिशाली बनाएंगे। धन भाव में तृतीयेश और दशमेश मंगल राजा की शक्तियों को बढ़ाने का संकेत है।
जब भी यह संसद भवन बनकर तैयार होगा और इसमें जो कार्यवाही होंगी, वाद विवाद रहित होंगी। वर्तमान संसद भवन में जो आप अकसर वाद विवाद ,हो हल्ला देखते हैं यह संसद भवन के गोलाकार होने का बहुत ही अशुभ प्रभाव है।ऐसा नवीन संसद भवन में नहीं होगा। उस समय की नवमांश कुंडली में सूर्य, मंगल ,गुरु, शनि ,केतु ,चंद्र और राहु अर्थात 7 ग्रहों की दशम भाव में स्थिति और दृष्टि है। दशम भाव राज्य भाव होता है। जो भारत को सुदृढ़ लोकतंत्र व्यवस्था देंगे। विश्व में भारत अपनी प्रगति के महानतम उत्कर्ष पर होगा ।आगामी 5 सालों के अंदर यह संसद भवन की प्रक्रिया वह कार्यवाही इतनी सुधर जाएगी कि देश में जो शासक प्रजा के हित में निर्णय लेगा वही आजीवन इसका नेतृत्व करेगा।
संसद भवन की आकृति पहले संसद भवन की आकृति से बिल्कुल अलग है । वास्तु के नियमानुसार भी इसको विवाद रहित बनाएगी ।प्रजातंत्र की नई परिभाषा लिखी जाएंगी, जो देश के हित में होंगी।
पंडित शिवकुमार शर्मा ,आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिष रत्न।
अध्यक्ष- शिवशंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र गाजियाबाद
9811893069
No Comments yet!