*बृहस्पति का मकर राशि में प्रवेश , कोरोना की बढेगी रफ्तार*
बृहस्पति का मकर में प्रवेश होने से शनि बृहस्पति के साथ मकर राशि में तामसी योग बनाएंगे।यह योग राष्ट्र और विश्व के लिए बहुत अशुभ है। क्रूर ग्रह शनि की राशि में मकर में 20 नवंबर को दोपहर 1:14 पर बृहस्पति मकर राशि में आ रहे हैं ।जो चाण्डाल योग व तामसी योग का निर्माण करेंगे ।इसके दुष्प्रभाव से अभी कोरोना की रफ्तार तीव्र गति से बढ़ेगी ।यद्यपि अगले वर्ष जून के पश्चात कोरोना की कोई वैक्सिनभी तैयार हो जाएगी ।लेकिन आम जनता तक पहुंचते-पहुंचते अक्टूबर
2021 में इसका लाभ मिलेगा।।
20 नवंबर 2020 के 1:15बजे बृहस्पति की मकर राशि में प्रवेश के समय की कुंडली के अनुसार तत्कालीन लग्न मंगल, शनि और गुरु के बीच पापकर्तरी योग में पहुंच गया है। कुंभ लग्न में मकर के गुरु शनि और चंद्रमा अशुभ हो गये हैं। जो लग्न को बल हीन कर रहे हैं। पराक्रम भाव का स्वामी मंगल अपने से 12 स्थान में हिंसा , जन धन हानि,बीमारी ,आगजनी, आकाशीय घटनाओं आदि का संकेत दे रहा है।
यह शनि और गुरु का तामसी और चाण्डाल योग 20 अक्टूबर 2021 तक बना रहेगा। इसी अवधि में हम सबको सतर्क रहना है। कोरोना से बचाव के लिए उपाय करते रहे,वैक्सीन के आने से पहले हमारा मास्क ही हमारी वैक्सीन है।
सामाजिक दूरी और बार-बार हाथ साफ करना ,आप अपने जीवन का नियम बना ले।
20 नवंबर की तत्कालीन कुंडली के अनुसार दशम भाव में राहु केतु व सूर्य का प्रभाव भी शुभ नहीं है, सरकार के कठोर निर्णय को चुनौती देने वाले कुछ अराजक तत्व देश का माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर सकते हैं।
ज्योतिष के अनुसार बारहवां स्थान प्राकृतिक और आकाशीय स्थिति का होता है।उस भाव में गुरु ,शनि और चंद्र का गोचर किसी प्राकृतिक घटना , आकाशीय घटना और भारी हिमपात, भयंकर सर्दी, भूकंप आदि का भी सूचक है।
उपरोक्त विवरण के अनुसार निष्कर्ष निकलता है कि अभी नवंबर से और अगले वर्ष अक्टूबर तक हमें अपनी रक्षा के लिए वैक्सीन अथवा किसी ऐसे काल्पनिक भरोसो से बचना चाहिए ,हमें अपनी रक्षा खुद करनी है तो भीड़ से बचें ,मास्क पहने और कम से कम घर से निकले। शादी विवाह आदि आयोजनों में अति आवश्यक होने पर ही जाए तो श्रेष्ठ रहेगा ।
पंडित शिवकुमार शर्मा, आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिष रत्न
अध्यक्ष -शिव शंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र, गाजियाबाद
शनि ग्रह
बृहस्पति ग्रह
No Comments yet!