इस वर्ष दिवाली का उत्सव होगा 4 दिन का। धनतेरस और छोटी दीवाली एक ही दिन मनेंगी।

27Oct
*इस वर्ष दिवाली पर्व होगा 4 दिन का*
*धनतेरस, छोटी दिवाली होगी एक ही दिन*
शिव शंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र गाजियाबाद।
भारतीय पंचांग व पृथ्वी की गति के अनुसार तिथियों के सूक्ष्म योग से धनतेरस ,छोटी दिवाली एक ही दिन अर्थात 13 नवंबर 2020 शुक्रवार को मनाई जाएगी। 14 नवंबर 2020 को दीपावली महापर्व मनाएंगे।
 *शास्त्रीय कारण*
दीपावली के पांचो पर्व सदैव प्रदोष व्यापिनी तिथि में होते हैं।
 प्रदोष काल उसे कहते हैं जब तिथि सूर्यास्त से  96 मिनट तक उपस्थित रहे ।12 नवंबर 2020 को द्वादशी तिथि 21:30 बजे तक है। त्रयोदशी तिथि 21: 31 बजे आएगी.
12:11 :2020 को त्रयोदशी तिथि प्रदोष व्यापिनी है ही नहीं ,क्योंकि सूर्यास्त 17:25  बजे होंगे । और  प्रदोष के लिए शाम 5:25 से 7:01 बजे के बीच आरंभ होनी चाहिए।
 किंतु इस समय त्रयोदशी तिथि का अभाव है। जो रात्रि को 9:30 बजे से आरंभ होगी और अगले दिन 17:59 बजे तक है अर्थात प्रदोष काल को 1 घटी से अधिक स्पर्श कर रही है। इसलिए त्रयोदशी  का धनतेरस पर्व, धन्वंतरि जयंती, यमदीप दान,प्रदोष व्रत 13 नवंबर को ही होगा । 
चतुर्दशी तिथि 13 तारीख को शाम 6:00 बजे से आरंभ होगी।  13 नवंबर को प्रदोष काल व निशीथ व्यापिनी है। इसलिए छोटी दीपावली, नरक चतुर्दशी ,हनुमान जयंती भी 13 नवंबर को ही मनाई जाएगी।
14 तारीख को अमावस्या तिथि 14:17 पर आएगी जो पूर्णरूप से प्रदोष व्यापिनी और निशीथव्यापिनी है। इसलिए दीपावली का पुण्य पर्व महालक्ष्मी ,गणेश पूजन, दीपोत्सव, कमला जयंती 14 तारीख को ही
मनाई जाएगी ।महालक्ष्मी पूजन स्वाति नक्षत्र और सिद्धि योग में सम्पन्न होगा ।
*दीपावली पूजन के दिन के मुहूर्त*
(व्यापारिक संस्थान ,दुकान, ऑफिस, फैक्ट्री,में दिन के समय गणेश लक्ष्मी पूजन होता है )
इसके शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
मकर, कुंभ, मीन और मेष लग्न 11:16 से शाम 17:27 बजे तक
बहुत शुभ लग्न हैं। इसके साथ साथ चौघड़िया के शुभ मुहूर्त भी 12:07 से 16: 03बजे तक चर ,लाभ, अमृत के चौघड़िया के श्रेष्ठ मुहूर्त हैं।
*दीपावली पूजन के रात्रि के  मुहूर्त*
(घर , आवास ,फ्लैट , आवास में लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त है)
शाम 19:24 बजे से 23:53 बजे तक वृष, मिथुन ,कर्क लग्न रहेंगे जो दीपावली पूजन के लिए बहुत अच्छे मुहूर्त हैं ।सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त सिंह लग्न होता है ,जो रात्रि 23:54 बजे से 2:11 बजे तक रहेगा इसे निशिथकाल मुहूर्त कहते हैं। जो मंत्र जाप ,तंत्र साधना ,लक्ष्मी के मंत्रों को सिद्ध करने के लिए शुभ मुहूर्त होता है ।
रात्रि में चौघड़िया के  भी मुहूर्त हैं। रात्रि 17:25 बजे से मध्य रात्रि के पश्चात 1:47 तक लाभ ,उद्वेग, शुभ, अमृत और चर के चौघड़िया दिवाली पूजन में सर्वश्रेष्ठ हैं।
इस बार दिवाली बहुत ही शुभ मुहूर्त में मनाई जाएगी। इसलिए हमें दीपावली पूजन में मां लक्ष्मी, गणेश कुबेर ,कुलदेवता ,कुलदेवी आदि को प्रसन्न करने के लिए विधि विधान से पूजन करें।
पंडित शिवकुमार शर्मा , आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिष रत्न अध्यक्ष- शिव शंकर ज्योतिष एवं वास्तु संधान केंद्र गाजियाबाद।

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