रामायण में एक कथानक आता है कि किष्किन्धा का राजा बाली बहुत शक्तिशाली था,जो उससे युद्ध करता था तो शत्रु का आधा बल उसमें आ जाता था,कई ओर कहानियां भी है,इसे ऊर्जा का स्थानान्तरण कहा जाता है या ऊर्जा की चोरी।
हमारी ऊर्जा को कोई भी चुरा सकता है। कई बार ऐसा अनजाने में भी हो सकता है तो कई बार जान-बुझ कर अगर इसे दैनिक जीवन में देखे तो आपने औरा क्षेत्र के दुर्बल होने की वजह को महसूस किया होगा की कुछ लोगो से बात करते वक़्त यहाँ तक की फोन पर भी आप धीरे धीरे खुद को कमजोर महसूस करने लगते है। इसमें मानसिक कमजोरी और निराशा या उदासी भी शामिल है। आप जब बात करके वहा से हटते है तो खुद को बेहद
कमजोर महसूस करने लगते है जबकि वो व्यक्ति जिससे आप बात कर रहे थे इसके बाद खुद को बेहतर और ऊर्जावान महसूस करने लगता है। ये बिलकुल वैसे ही जैसे किसी ऊपरी ऊर्जा का आपको अपने गिरफ्त में ले लेना और आपको पता भी नहीं चले।
इसीलिए कई लोग बुरी नजर से बचने के सरल उपाय अपनाते है। आपकी ऊर्जा का आपकी मर्जी के बगैर खींचा जाना आपके कमजोर होने को साबित करता है। इसलिए जब भी आपको लगे की आपकी ऊर्जा को किसी अनजान शक्ति या व्यक्ति द्वारा चुराया जा रहा है आप ऊर्जा शक्ति को बचाने हेतु निम्नलिखित उपाय करें:
1.सर्वप्रथम अपने से अधिक प्रभावी या ऊर्जावान व्यक्तियों से सीधे संवाद से बचें।
2.अपनी औरा को बढ़ाने के लिए गायत्री मंत्र का प्रतिदिन जाप करें।
3.अपने पंचम भाव/इष्ट का जाप करें।
4.मस्तक पर चन्दन ,केशर या रोली का तिलक लगाएं।
5.लग्नेश को मजबूत करें,लग्न से संबंधित रत्न धारण करें।
पं. शिवकुमार शर्मा
अध्यक्ष- शिवशंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केन्द्र गाजियाबाद
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