कल 25 फरवरी को है गुरु पुष्य मुहूर्तराज योग , जानिए इसकी उपयोगिता

27Oct
*कल है गुरु पुष्य मुहुर्तराज योग*।
*जानिए उसकी उपयोगिता*
कल दिनांक 25 फरवरी को गुरु पुष्य मुहुर्त राज योग बन रहा है। कल माघ शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी भी है ‌। इसके बारे में कवि घाघ ने भी दो पंक्ति कहीं हैं:
*अष्टमी तीज त्रयोदशी*।
*पूछो ना पंडित ज्योतिषी*।।
अर्थात शुक्ल पक्ष की तृतीया, अष्टमी और त्रयोदशी, इन तिथियों को बिना किसी विद्वान से पूछे भी शुभ कार्य में प्रयोग कर लेना चाहिए।
जब बृहस्पति वार को पुष्य नक्षत्र होता है तो  गुरु पुष्य योग बनता है ।इसके बारे में शास्त्रों का कहना है कि  यह योग वर्ष में एक दो बार आता है और कभी आता भी नहीं है।
लेकिन इसकी उपयोगिता सभी महुर्तों से अधिक है।
25 फरवरी को बृहस्पतिवार के दिन पुष्य नक्षत्र दोपहर 1:16 बजे तक है। इसके साथ साथ 28 महत्वपूर्ण योगों मैं शोभन योग भी अति उत्तम है।
इस विशेष योग में विवाह कार्य छोड़ कर जितने भी शुभ कार्य हैं सब में उत्तम रहता है ।जैसे भूमि,भवन खरीदना ,रजिस्ट्री कराना ,टोकन मनी देना ,नींव पूजन, गृह प्रवेश, नवीन वाहन बेचना या खरीदना ,किसी के साथ व्यापारिक अनुबंध करना, व्यापार आरंभ करना, धातु, आभूषण आदि खरीदना ,नवीन वस्त्र खरीदना, घर के उपकरण जैसे एसी ,कूलर ,फ्रिज,  सोफा आदि खरीदना इस योग में बहुत श्रेष्ठ माना गया है।
इसके साथ साथ साधक लोग सिद्धि के लिए मंत्र को सिद्ध करने के लिए इस योग को श्रेष्ठ मानते हैं ।इस योग में मंत्र जाप ,अनुष्ठान और किसी रत्न को विशेष मंत्रों द्वारा आभिमंत्रित करना श्रेष्ठ माना गया है।
पंडित शिवकुमार शर्मा,आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिष रत्न।
अध्यक्ष – शिवशंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र गाजियाबाद

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