*21 दिसंबर को होगा शनि ग्रहण*
चौक गए ना!! अभी तक आपने चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण ही सुना था। शनि ग्रहण कैसे हुआ? यह अद्भुत खगोलीय घटना 21 दिसंबर 2020 प्रातः 8 :00 बजे से आरंभ होकर रात्रि 7:00 बजे तक रहेगी ।इसमें मकर राशि पर चल रहे शनि और बृहस्पति ग्रह मकर राशि के 6.14.48( ठीक एक समान डिग्री) में आ जाएंगे उनका परिपथ एक ही होगा। इस कारण शनिग्रह बृहस्पति के पीछे छिप जाएंगे क्योंकि पृथ्वी से बृहस्पति लगभग 30 .6 करोड किलोमीटर है ।और शनि लगभग 150 करोड़ किलोमीटर दूर है । लेकिन एक सीध में एक ही परिपथ होने से शनि देव गुरु के पीछे छुप जाएंगे । सनी पूर्णतया बृहस्पति के पीछे छिप जाएंगे इसलिए इसको शनि ग्रहण कह रहे हैं।
यदि इतिहास की गहराइयों में जाना चाहें तो ऐसी घटना लगभग 397 वर्ष पूर्व घटित हुई थी। इसका ज्ञान पाश्चात्य खगोल विद गैलिलियो द्वारा उसको सीधी आंखों से देखा था। गैलीलियो ने उस समय टेलीस्कोप की खोज कर ली थी ।इससे प्रकृति की और खगोलीय घटनाओं को सुलझाने में बहुत सहायता मिली थी।
* उस समय के उनके विरोधियों ने उन्हें पृथ्वी के नए रहस्य को सुलझाने के स
विरोध में जेल में बंद कर दिया था और वहीं उनकी मृत्यु हो गई थी।
इस घटना को अर्थात बृहस्पति और शनि के इस ग्रहण को अंग्रेजी में एक सब दिया गया है ग्रेट कंजक्शन अर्थात बृहस्पति के द्वारा शनि का आच्छादन ।शनि देव क्योंकि पृथ्वी से बहुत दूर हैं बृहस्पति से शनि की दूरी भी 70. 6 करोड़ किलोमीटर है इसलिए शनि बृहस्पति के पीछे छिप जाएगा । 21 दिसंबर वर्ष का सबसे छोटा दिन होता है। सायन गणना के अनुसार इस दिन दोपहर 15:33 पर मकर संक्रांति में सूर्य आ जाएंगा।
और इसके पश्चात से ही दिन भी बड़े होने लगेंगे।सबसे छोटा दिन 21 दिसंबर को ही होता है।
जैसा कि आपको ज्ञात है बृहस्पति और शनि 20 नवंबर से एक ही राशि मकर पर चल रहे हैं ।धनुराशि पर इससे पहले भी बृहस्पति और मकर राशि पर शनि पिछले 8 महीनों से दोनों ग्रह आकाश मे पास पास ही
दृश्यमान थे ।जैसा कि मैंने कई बार इसका उल्लेख किया था और मोबाइल द्वारा चित्र खींच कर शनि व बृहस्पति ग्रह का चित्र दिखाया था। यह एक अलौकिक खगोलीय घटना है जो सैकड़ों वर्षो के बाद होती है। इसके बाद यह घटना सन् 2080 में दिखाई पड़ेगी।
——————————————–शिव शंकर ज्योतष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र गाजियाबाद के आचार्य शिवकुमार शर्मा प्रारंभ से ही ग्रहों और नक्षत्रों की गतिविधियों का अध्ययन कर रहे हैं। इनके द्वारा समय-समय पर खगोलीय घटनाओं का वर्णन स्थानीय समाचार पत्रोंऔर राष्ट्रीय समाचार पत्रों में छपता रहता है तथा व्हाट्सएप ग्रुप और फेसबुक पर आप इनके प्रत्यक्ष प्रमाण देख सकते हैं।
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21 दिसंबर की इस खगोलीय घटना को देखने के लिए लोग बड़े उत्सुक रहेंगे ।यद्यपि दिन में प्रातः 8:00 से शाम सूर्यास्त तक तो बृहस्पति और शनि सूर्य के प्रकाश मे दृश्यमान नहीं रहेंगे। किंतु शाम को 6:00 बजे के बाद दोनों ग्रह .0 6 डिग्री से लेकर के थोड़ा थोड़ा आगे बढ़ेंगे इससे उसको आप देर रात को उन दोनों ग्रहों को पश्चिम क्षितिज पर बिल्कुल सटे हुए आसपास देख सकते हैं।
उसी समय रात्रि 8:00 बजे मंगल और चंद्रमा एक राशि मीन राशि में आपको मध्य आकाश में दिखाई देंगे आप इन चारों ग्रहों का प्रत्यक्ष दर्शन कर सकते हैं,।
पंडित शिवकुमार शर्मा आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिष रत्न
अध्यक्ष -शिवशंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र, गाजियाबाद।
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