*दिवाली पर करें धन समृद्धि वर्धक उपाय*
दीपावली हिंदुओं का सबसे बड़ा त्यौहार है ।यदि यह कहा जाए कि दीपावली भारत की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव डालने वाला बहुत बड़ा उत्सव है तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी। कुछ लोग दीपावली के आधार पर पूरे वर्ष के आर्थिक फलादेश का अनुमान कर लेते है।
*दीपावली पर कुछ भाग्य वर्धक उपाय भी किए जाते हैं, इन उपायों को विधि विधान व श्रद्धा पूर्वक करने से सफलता मिलती है।
*सुख समृद्धि और भाग्य बढ़ाने वाले उपाय इस प्रकार हैं*:
1. दीपावली के दिन घर के द्वार पर मिट्टी के कलश में आम के पत्ते रखकर नारियल स्थापित करें ।3 दिन तक उसको वही रहने दें। उसके पश्चात उसे घर की छत पर रख दें। नारियल को प्रसाद के रूप में खा लें। ऐसा करने से लक्ष्मी आकर्षित होती है ।घर में बरकत बनी रहती है।
2. धनतेरस से लेकर भैया दूज तक घर के मंदिर में भी के दो दीपक अवश्य जलाएं। एक दीपक लक्ष्मी और एक गणेश जी मान कर उनके समक्ष बैठकर कमल गट्टे की माला से *ओम् श्रीं श्रियै नमः* मंत्र से पांच 11 या 21 मालाओं का जाप रोजाना करें ।दीपक अखंड जल सकता हो, तो बहुत ही शुभ होता है नहीं तो प्रातः और सायं अवश्य जलाएं। ऐसा करने से लक्ष्मी जी अपनी संपत्ति सहित उस घर में निवास करने आती है।
3. 11 पीली कौड़ियां लाकर उनको दीपावली की रात लक्ष्मी गणेश पूजन के समय पूजा करें और रात्रि निशिथकाल मुहूर्त में कमलगट्टे या स्फटिक की माला से लक्ष्मी जी के किसी मंत्र से एक घंटा जाप करें और प्रातः काल उनको कौड़ियों को पीले कपड़े में बांधकर अपने मंदिर में या धन के स्थान में रख दें।
4. कमल गट्टा के 21 दाने लेकर सफेद कपड़े पर रखें *ओम् कमल वासिन्यै नमः* इस मंत्र से 5 या 11 माला से अभिमंत्रित करें। दिवाली के अगले दिन उन्हें अपने गल्ले में या सफेद कपड़े में सिलकर अपनी जेब में रख सकते हैं। आपके दुकान का गल्ला व जेब पैसों से खाली कभी नही रहेगी।
5. 11 काली गुंजा लेकर काले कपड़े में रखें और
*ओम् सर्वा बाधा विनिर्मुक्तो धनधान्य: सुतान्वित:*।
*मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशय:* ।।
दुर्गा मां के इस बाधा निवारण मंत्र से 2 या 5 माला का जाप करें और अगले दिन उस की पोटली बनाकर अपने घर या दुकान के दरवाजे पर टांग दें। आपके व्यवसाय और घर को किसी की नजर नहीं लगेगी ।रुके हुए काम बनने शुरू हो जाएंगे।
6. छोटी दिवाली के दिन दो एकाक्षी नारियल लेकर उन्हें पीले कपड़े में बांधे ऊपर से एक अलावा लपेटकर लक्ष्मी जी के चित्र के सामने रख दें और दीपावली पूजन के पश्चात रात्रि को उन्हें चुपचाप उठाकर एक को अपने गल्ले या सेफ में रखें और एक को मंदिर में रख दें। लक्ष्मी जी का घर में स्थाई निवास हो सकता है।
7. दिवाली के दिन खीर बनाएं और उसमें केसर डालें। रात्रि को महालक्ष्मी का भोग लगाएं प्रात काल भोग से बची हुई खीरअपनी सारी खीर में मिलाएं और फिर प्रातः काल परिवार के सब लोग खाएं ।स्वास्थ्य के लिए यह अद्भुत आरोग्य वर्धक खीर बन जाएगी। ।
8. छोटी दीपावली के दिन हनुमान जी के चरणों का सिंदूर लाएं और उसमें थोड़ा सिंदूर घर से मिला लें। सिंदूर में घी मिलाकर शाम को घर के दोनों द्वारों पर 9 इंच लंबा 9 इंच चौड़ा सिंदूर से स्वास्तिक बना दें। आपका घर बुरी हवाओं से बचा रहेगा। किसी की बुरी नजर अथवा कोई अभिचार कर्म आपके घर पर प्रभाव नहीं करेगा।
9. धनतेरस के दिन एक कटोरी गंगा जल में 21 गोमती चक्र डुबो कर घर के पूजा स्थल के पास रख दें।
भैया दूज के दिन गोमती चक्र को लेकर सफेद कपड़े बांधकर घर के द्वार पर बांधे और और गंगाजल को लेकर तीन-चार दिन अपने घर में लगातार छिडकें, घर पूरे वर्ष अनिष्टों से बचा रहेगा।
10. घर की सज्जा के समय धनतेरस को कौडियों और मोरपंखी से बने बंदनवार घर के मुख्य द्वार पर टांगे ।घर में सदैव सुख शांति बनी रहेगी।
11. छोटी दिवाली को आटे का चौमुखा दिया बनाएं उसमें तिल का तेल या सरसों का तेल भरें। उसमें कुछ काले तिल डालकर किसी दौने में रखें। शाम को सूर्यास्त के पश्चात उसे लेकर सारे घर में घूमाएं और परिवार के सदस्यों के हाथ लगवाकर गृह स्वामी या घर का कोई बड़ा सदस्य उसे बाहर नाली पर अथवा सुनसान स्थान पर रख आएं। आते समय पीछे मुड़कर न देखें। इसे यम के लिए दीपदान कहते हैं। ऐसा करने से घर की सारी नकारात्मक उर्जा बाहर हो जाती हैं।घर में नवचेतना का आगमन होता है। और पूरे वर्ष घर के सदस्यों का स्वास्थ्य ठीक रहता है।
पंडित शिवकुमार शर्मा ,आध्यात्मिक गुरु और ज्योति रत्न
अध्यक्ष- शिव शंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र, गाजियाबाद
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