*मकर राशि में गुरु का प्रवेश*
1. *शनि के साथ बनाएगा तामसी व चांडाल योग*
2. *होंगी विस्मयकारी घटनाएं*
3 *युद्धोन्माद, जनधन हानि के संकेत, चारों और अशांति का वातावरण रहेगा*
4. *वृष राशि में राहु का होना भी विश्व में और भारत के लिए बहुत ही खतरनाक संकेत कर रहा है*
5. *14 नवंबर से 14 अप्रैल तक विशेष सावधानी बरतनी होगी*
**प्राकृतिक दुर्घटनाओं में भी होगा इजाफा*
देव गुरु बृहस्पति 20 नवंबर को मार्गी होकर शनि की राशि मकर में आएंगे। शनि देव वहां पहले से ही विराजमान हैं ।शत्रु राशि मकर राशि में और शनि के साथ युति होने से दोनों ग्रह तामसी योग और चांडाल योग का निर्माण करेंगे।
यह योग गत वर्ष 2019 में धनु राशि में आया था तब कोरोना का आरंभ चीन से आरंभ हुआ ,शाहीन बाग की शुरुआत हुई । दिल्ली में शाहीन बाग का उपद्रव दिल्ली दंगा में परिवर्तित हुआ। तब तो बृहस्पति अपनी ही राशि धनु में ही थे। इसलिए धीरे-धीरे प्रभाव हुआ।
किंतु अब यह योग शनि की मकर राशि में है। मकर राशि बृहस्पति की शत्रु राशि है और शत्रु ग्रह के साथ मकर में बैठना अति तामसी योग बनाता है ।
वृष राशि में 23 सितंबर से राहु चल रहे हैं इसलिए विश्व में उथल-पुथल तो होनी ही है ।शास्त्रीय प्रमाण इस प्रकार है:
*वक्रस्थितौ देवगुरौ दुर्भिक्षं घोरदारुणम्।*
*पूर्वस्याम् दक्षिणं। चैव राजविग्रहं परिवर्तते।*
*पाप बुद्धि: रतालोका हा हा भूता च मेदिनी।।*
उपरोक्त योगों और शास्त्र वचनों के आधार पर यह निष्कर्ष निकलता है कि सरकार 2020 के अंतिम चरण में और 21 के प्रारंभ में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लेगी और उसके विरोध में *पापबुद्धि: रतालोका:*
जैसा कि प्रमाण वाक्य में आया है, ऐसे लोग देशभर में हिंसात्मक गतिविधियों में भाग लेंगे । चीन और पाकिस्तान की सीमा पर युद्ध जैसी स्थिति बनने की पूरी पूरी संभावना है।
राजकीय तंत्र को असफल करने के दुष्चक्र वह षड्यंत्र चलेंगे। किसी प्रतिष्ठित राजनेता की मृत्यु अथवा हत्या हो सकती है ।
प्राकृतिक उथल-पुथल भी संभव है। भूकंप ,चक्रवात, अतिवृष्टि आदि के भी योग बन रहे हैं।
25 नवंबर से 1 दिसंबर तक वर्षा योग भी बनेंगे।
शिव कुमार शर्मा, आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिष रत्न।
अध्यक्ष -शिव शंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र ,गाजियाबाद
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