*मातंग योग में मनाया जाएगा दशहरा*
*दशहरा पूजन व शस्त्र पूजन के शुभ मुहूर्त*
शिव शंकर ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के आचार्य पंडित शिवकुमार शर्मा के अनुसार इस बार दशहरा 25 अक्टूबर 2020 दिन रविवार को मनाया जाएगा। धनिष्ठा नक्षत्र होने से मातंग योग का निर्माण हो रहा है। वैसे भी प्रातः काल से ही दशमी तिथि का आगमन होगा। दशहरा पर्व के लिए मध्याह्न व्यापिनी दशमी तिथि आवश्यक होती है। जो पूर्ण रूप से उस दिन रहेगी ।इसीलिए दशहरे का पर्व 25 अक्टूबर को ही मनाया जाएगा।
दशहरा पूजन का शुभ मुहूर्त :
प्रातः 7:56 बजे से मध्याह्न 12:35 बजे तक लाभ,चर और अमृत के चौघड़िया में बहुत उत्तम है। स्थिर एवं द्विस्वभाव लग्न ( वृश्चिक और धनु )प्रात: 8:13 बजे से 12:34 बजे तक बहुत शुभ हैं। चौघड़िया काल और वृश्चिक ,धनु लग्न लगभग उसी समय आ रहे हैं। इसलिए दोनों प्रकार से ही शुभ मुहूर्त है ।और इस अवधि में भी सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त 11:00 बज कर 36 मिनट से 12:00 बजकर 24 मिनट तक दशहरा पूजन और शस्त्र पूजन के लिए शुभ है। पंडित शिवकुमार शर्मा ने बताया कि प्राचीन परंपरा के अनुसार हमारा देश शास्त्र और शस्त्र से परिपूरित था। हमारे सभी देवताओं के पास शस्त्र रहते हैं ।हमारा सारा आध्यात्मिक ज्ञान और संस्कृति वेद ,उपनिषद और पुराणों पर ही आधारित है ।किंतु आज हम अपने शस्त्र और शास्त्र दोनों को ही भुला बैठे हैं ।अपनी संस्कृति की रक्षा हेतु रक्षाबंधन पर शास्त्र पूजन और धर्म रक्षा व दुष्टों के संसार के लिए दशहरे पर शस्त्र पूजन का भव्य आयोजन करें । *भय बिन होय न प्रीत* इस पंक्ति के अनुसार बिना शस्त्र के संस्कृति और धर्म जीवित नही रहता है। सभी से निवेदन है की प्रतीक रूप में कुछ ना कुछ शस्त्र का पूजन अवश्य करें। ग्रामीण अंचलों में तो अब भी लाठी, भाला, बंदूक आदि की पूजा चली आ रही है ।लेकिन हम अपने पर्वों को भूलते जा रहे हैं अपनी संस्कृति ,अपनी मर्यादा, अपने जोश ,अपने पराक्रम को याद करते हुए शस्त्र पूजन करें। यह शस्त्र पूजन हमारे देश में प्रत्येक वर्ष दशहरे के अवसर पर ही किया जाता है।
शास्त्र बचेंगे तो संस्कृति बचेगी। शस्त्र बचेंगे तो धर्म बचेगा।
पंडित शिवकुमार शर्मा , आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिष रत्न
अध्यक्ष -शिव शंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र ,गाजियाबाद
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