वास्तु है सबके लिए (भाग 12) ड्राइंग रूम बैठक का वास्तु विश्लेषण

27Oct
*वास्तु है सबके लिए* (भाग 12)
*ड्राइंग रूम का वास्तु विश्लेषण* 
वास्तु शास्त्र में बैठक कक्ष या ड्राइंग रूम का बहुत महत्व है, जैसे अपने शरीर में मुंह और हाथ का महत्व है। वही घर में बैठक  या ड्राइंग रूम का है। ड्राइंग रूम वह स्थान होता है जहां किसी आगंतुक का सबसे पहले आगमन होता है ।कहते हैं फर्स्ट इंप्रेशन इज लास्ट इंप्रेशन ।
यदि हमारा ड्राइंग रूम साफ सुसज्जित एवं आकर्षक होगा। आने वाला है व्यक्ति बहुत ही प्रभावित होगा। इसलिए हमारे भवन का ड्राइंग रूम वास्तु के अनुसार सही दिशा में होना चाहिए।
ड्राइंग रूम की दिशा वायव्य कोण है। पूरब और उत्तर में भी ड्राइंग रूम शुभ होता है । ड्राइंग रूम को दक्षिण पश्चिम दिशा में  या दक्षिण दिशा में नहीं बनाना चाहिए ।
बाहर से आने वाले व्यक्ति आपके लिए शुभ समाचार लेकर आएं, आपके लिए धन समृद्धि की कामना से आए। ऐसा हम अपेक्षा करते हैं ,तो क्यों ना उस कक्ष को भव्य तरीके से सज्जित करें। यदि आपका ड्राइंग रूम बड़ा है ,तो वह सभी उपकरणों के योग्य होता है । यदि  छोटा ड्राइंग रूम है तो भी आवश्यक वस्तुएं सज्जित करके उसको सुंदर रूप दिया जा सकता है।
रंगोली, सोफा, सेंटरटेबल, टीवी शोकेस, कारपेट, छोटा बेड(दिवान) कुर्सियां आदि बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। बेडरूम में सोफा दो प्रकार से बिछाया  जाता है। ड्राइंग रूम बहुत बड़ा है उसमें सोफों को एल शेप में लगाते हैं। सोफा हमेशा दक्षिणी या पश्चिमी दीवार पर रखना चाहिए।  आजकल सोफे के मैच के अनुसार सेंटर टेबल भी बिछाई जाने लगी है।सोफा इस प्रकार बिछाए जिससे की बैठने वाले आगंतुक व्यक्ति का मुख उत्तर या पूर्व दिशा में हो। यदि कोई समाज का प्रतिष्ठित व्यक्ति है या राजनेता है, उनसे मिलने काफी लोग आते हैं ।तो तो बैठने वाले गृह स्वामी का सोफा सिंगल होना चाहिए और वह दक्षिण-पश्चिम के कोने में हो तो बहुत ही श्रेष्ठ होता है, उसका आगन्तुकों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। समाज में उसका विशेष दबदबा रहता है। आने वाले लोगों को अपने दाएं या बाएं और बैठाएं। उनको अपने सामने बैठाने से बचें।  आने वाले व्यक्ति को आपके सामने दाहिनी और  या बांयी और बैठाएं, तो अच्छा रहता है। सामने बैठने से और उनसे बात करने से आपकी ऊर्जा का उसमें  ट्रांसफर हो सकता है।
ड्राइंग रूम में पूरब या उत्तर की दीवार पर टेलीविजन या म्यूजिक सिस्टम लगाना चाहिए। ड्राइंग रूम में दीवारों की सज्जा सुंदर होनी चाहिए ताकि वहां हम बैठ कर  अच्छा माहौल प्राप्त कर सकें। दीवारों पर सुंदर आकर्षक चित्र सीनरी लगाएं उत्तर की ओर फिश एक्वेरियम लगा सकते हैं यदि ड्राइंग रूम में शोकेस बना हुआ है तो उसमें आपके प्रशस्ति पत्र मोमेंटोज, पक्षियों का जोड़ा हिरण खरगोश ,हाथी की छोटे-छोटे आकर्षक प्रतिमा लगा सकते हैं। ड्राइंग रूम में छत पर लटकी हुई झाड़ फानूस आपके सम्मान में  चार चांद लगा देती है। यदि ऐसा है तो आप बहुत ही सौभाग्यशाली हैं।
वास्तव में ड्राइंग रूम हमारे घर का मुख मंडल होता है । जैसे हमारा युवक मंडल चेहरे के हाव भाव हमारे पूरे शरीर की स्थिति का वर्णन कर देते हैं  उसी प्रकार ड्राइंग रूम हमारे घर की समस्त वस्तुस्थिति को प्रकट कर देती है।
पंडित शिवकुमार शर्मा
आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिष रत्न
अध्यक्ष-शिव शंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केन्द्र गाजियाबाद,9811893069
Pt. Shiv Kumar Sharma

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