वास्तु है सबके लिए( भाग 26) भूखंड का शुभाशुभ परीक्षण

27Oct

 वास्तु है सबके लिए( भाग 26)

भूखंड का शुभाशुभ परीक्षण

हर व्यक्ति को जीवन में एक दो बार ही अपना मकान बनाने का अवसर प्राप्त होता है और वह चाहता है कि अपने नए मकान में सारी खुशियां सहेज कर रख सकें।

इसीलिए वह भूखंड लेता है और उस पर भवन निर्माण आरंभ कर देता है ।आज हम कुछ ऐसे उपाय बताएंगे इससे आप सभी जान सके कि यह भूखंड आवास के लिए उत्तम , मध्यम  या निकृष्ट है ।

ज्योतिष और वास्तु ग्रन्थों में भूमि परीक्षण के अनेक तरीके हैं इनमें से कुछ तरीकों के बारे में मैं बता रहा हूं।

1–सबसे पहले हम देखते हैं कि हमारे भूखंड की ऊपरी परत उपजाऊ है या नहीं ।यदि वह भूमि उपजाऊ है अन्न क्षेत्र से संबंधित है ।हरी घास , पुष्प वाले पौधे ,कुशा , दुर्वा आदि सुंदर घास से युक्त है तो  वह भूमि भवन निर्माण के लिए सर्वथा अनुकूल है। यदि भूमि फटी हुई है ,दीमक आदि जंतुओं से युक्त है ।सर्प की बांबी है ।कांटो से युक्त पौधे , झाड़ियां खड़ी हैं ।ऐसे भूखंड को भवन के लिए नहीं लेना चाहिए। क्योंकि ऐसा भूखंड भवन निर्माण के लिए अशुभ होता है।

2– भवन निर्माण की नींव खोदते समय नींव के अंदर केश, कोयला, काली मिट्टी ,रूई ,हड्डी, सीप आदि वस्तुएं निकलती है तो भवन निर्माण के लिए अशुभ होती है।

यदि वहां निर्माण आवश्यक हो तो कम से कम व्यक्ति की लम्बाई के बराबर सारी मिट्टी बाहर निकाल के नई मिट्टी से भराव करके तब भवन निर्माण  का आरंभ करें।

नींव के अंदर पुरानी ईट ,पत्थर तांबा, चांदी आदि धातुएं निकलें तो वह भूखंड नव निर्माण के लिए बहुत शुभ होता है।

3– भूखंड के अनुकूलताअथवा प्रतिकूलता का यह परीक्षण आप करें ।

प्लाट के बीचो बीच एक 1 फुट चौड़ा 1 फुट लंबा और डेढ़ फुट गहरा गड्ढा खोदे उसे पानी से भर दें। पानी से गड्ढा भर के 100 मीटर तक जाएं और वापस आकर देखिए,यदि पानी ज्यों का त्यों है तो वह भूखंड बहुत ही उत्तम श्रेणी का है । यदि पानी कम हो गया है तो यह माध्यम श्रेणी का होता है और यदि पानी बिल्कुल सूख गया है तो वह निकृष्ट श्रेणी का भूखंड होता है।

4- भूमि की शुभता और अशुभता को परखने के लिए एक और प्रयोग कर सकते हैं। 1 फुट चौड़ा 1 फुट लंबा और डेढ़ फुट गहरा गड्ढा खोजें सारी मिट्टी बाहर निकाले फिर उसी  मिट्टी को उस गड्ढे भर दें यदि मिट्टी गड्ढा भरने के बाद थोड़ी बाहर निकल जाती है ,बच जाती है तो वह भूखंड बहुत श्रेष्ठ होता है। यदि उस मिट्टी से  गड्ढा पूरा भर जाता है और ऊपर मिट्टी नहीं बचती है ऐसा भूखंड मध्यम श्रेणी का  होता है। और यदि गड्ढे से निकाली गई मिट्टी  गड्ढे में डालने पर  भी वह पूरा नहीं भरता है,कुछ कमी रह जाती है तो ऐसा भूखंड निकृष्ट श्रेणी का होता है ।ऐसे भूखंड पर मकान बनाना अशुभ होता है।

पंडित शिवकुमार शर्मा आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिष रत्न

अध्यक्ष- शिवशंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र गाजियाबाद

Pt. Shiv Kumar Sharma

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