वास्तु है सबके लिए (भाग 32)
*देसी फेंगशुई के अनोखे प्रयोग*
*गोमती चक्र, लक्ष्मी कौड़ी ,काली कौड़ी और सफेद कौड़ी के लाभकारी उपाय*
हमारे चारों ओर बहुत सी ऐसी दुर्लभ वस्तुएं उपलब्ध हैं, जिनकी जानकारी बहुत कम लोगों को है।आज मैं आपको ऐसी ही कुछ वस्तुओं के बारे में बताऊंगा।
*गोमती चक्र*
गोमती चक्र एक समुद्री पत्थर है। इसकी आकृति गोल होती है। इसके नीचे के तल पर स्पाइरल जैसी आकृति होती है जो प्राकृतिक रूप में पाई जाती है यही पत्थर की विशेष उपयोगिता बनाती है ।यह बहुत ही दुर्लभ और उपयोगी पत्थर है। इसके उपयोग इस प्रकार हैं:
1. यदि किसी बच्चे ,संस्थान या दुकान को नजर लग जाती है ।बच्चा अस्वस्थ जाता है या दुकान में बिक्री कम हो जाती है ।इसके निवारण के लिए पांच गोमती चक्र लेकर 5 बार गायत्री मंत्र पढ़े और उनको अस्वस्थ बालक के ऊपर या दुकान के द्वार पर 11 बार घुमा कर बाहर की ओर फेंक दें। शीघ्र लाभ हो जाएगा।
2. यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से अस्वस्थ चल रहा है तो 11 गोमती चक्र कांच को कटोरी में रखकर महामृत्युंजय मंत्र की 11 माला से अभिमंत्रित करें और उनको सफेद कपड़े में बांधकर रोगी के बैड के पाये में बांध दें।
3. दीपावली ,अक्षय तृतीया या शरद पूर्णिमा को 11 या 21 गोमती चक्र लेकर महालक्ष्मी के किसी एक मंत्र से अभिमंत्रित करें ।ओम् महालक्ष्म्यै नमः ।ओम् श्रीं श्रियै नमः में से किसी एक मंत्र से 11 या 21 मालाओं का जाप करके सिद्ध करें और अगले दिन उन्हें अपने धन के स्थान में तिजोरी या गल्ले में रखें। घर में धन का चक्र ठीक चलता रहेगा ।आमदनी के जरिए लगातार बनते और बढ़ते रहेंगे।
4. यदि आपके कोई कार्य बनने में बाधा आ रही है आप जहां जाते हैं, कार्य नहीं हो पाता है, 2 या 5 गोमती चक्र सफेद कपड़े में सिलकर अपने पास या जेब में रख ले। कार्य बनने की संभावना बढ़ जाएगी।
5. यदि कोई व्यक्ति आपके पैसे नहीं लौटा रहा है। 5 बडे गोमती चक्रों पर काली स्याही से उसका नाम लिखकर सोमवार को शमशान क्षेत्र में गाड़ दे और प्रार्थना करें कि अमुक व्यक्ति मेरे पैसे लौटा दे। लगातार 5 सोमवार करने पर उस व्यक्ति के मन में पैसा लौटाने की भावना जागृत हो जाती है।
6. यदि आपके घर का मुख्य द्वार दूषित है या कोई वेध है तो द्वार के ऊपर चौखट पर 11 गोमती चक्र सफेद कपड़े में बांधकर लटका दें।
*पीली कौड़ी के धन समृद्धि के उपाय*
प्रकृति अमूल्य रत्नों का खजाना है। समुद्र में भी ऐसे बहुत ही बहुमूल्य चीजें मिलती हैं जिनका प्रयोग मानव जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। कौड़ियां भी उसी के अंतर्गत आती हैं। कौड़ियां कई प्रकार की होती है सफेद ,मटमैली ,काली और पीली।
*पीली कौड़ी*
पीली कौड़ी मानव के लिए बहुत ही उपयोगी बताई गई है।
इसके उपयोग इस प्रकार हैं:
1. यदि किसी कन्या का विवाह योग नहीं बन रहा है तो 11पीली कौड़ी इस मंत्र से 11 माला से अभिमंत्रित करके पीले वस्त्र में बांधकर कन्या के कक्ष में उत्तर पूर्व के कोने में टांग में या रख दे। मंत्र इस प्रकार है:
*देहि मे सौभाग्यं आरोग्यं देहि मे परमं सुखम्* ।
*रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।*
2. यदि आपके मकान में उत्तर पूर्व का कोना अर्थात ईशान कोण दूषित है या दिशा कटी हुई है तो उस दिशा में 21 पीली कौड़ी या लक्ष्मी कौड़ी पीले वस्त्र में बांधकर रख दें।
3. दिवाली पूजन के समय 11 पीली कौड़ियों का भी धूप दीप पुष्प आदि से पूजन करें और अगले दिन उन कौडियों को अपने धन के स्थान में या मंदिर में रखें ।यदि बालक पढ़ाई में कमजोर हैं तो उनकी पढ़ने की टेबल पर रख सकते हैं।
3. पीली कौड़ी पति-पत्नी के संबंधों को भी ठीक रखती है। यदि किसी कारणवश आपस में तनाव और झगड़े का वातावरण बन जाता है तो 11पीली कौड़ियां अपने बेडरूम में सिराहने की ओर किसी कांच की प्लेट में रख दें।
*काली कौडियां*
काली कौड़ियां भी मानव जीवन के हित के लिए बहुत लाभदायक है।
काली कौड़ियों पर शनि का आधिपत्य होता है।
यदि किसी व्यक्ति पर शनि की ढैया साढेसती अथवा महादशा चल रही हो और उसका अशुभ प्रभाव पड़ रहा हो तो काली कौडियां शनि मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र से सिद्ध करके अपने मंदिर में रखें अथवा घर के पश्चिम दिशा में कोने में रख दें और प्रतिदिन दर्शन करें।
अस्वस्थ व्यक्ति के ऊपर से 5 काली कौड़ियां ऊपर से 11बार उल्टा उतार कर बहते पानी में छोड़ दे या मिट्टी में दबा दें।
*सफेद कौड़ियां*
सफेद अथवा ग्रे रंग की कौड़ियां हम सब ने देखी ही होगी। प्राचीन काल में तो लोग कौडियों से खेला करते थे। अर्थात कौड़ियां मनोरंजन का साधन हुआ करती थी। किंतु उसके मानव हित के उपयोग इस प्रकार हैं:
11 या 21 सफेद कौडियां लेकर अपने घर के आग्नेय कोण में रखें ।घर की महिलाएं सदैव प्रसन्न रहेंगी, उनका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और घर में क्लेश का वातावरण समाप्त हो जाएगा।
सफेद कौड़ियों को नींबू के रस में गलाकर उसका सत् तैयार करके पीने से पथरी रोग का निवारण होता है ।यह एक आयुर्वेद का अनुभूत प्रयोग है।
पंडित शिवकुमार शर्मा ,आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिष रत्न
अध्यक्ष -शिवशंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र ,गाजियाबाद
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