वास्तु है सबके लिए (भाग 52 )
*टूटी खाट ,फूटा छान*।
*दरिद्रता की पहचान।।*
ग्रामीण अंचलों में प्राचीन काल से ही यह कहावत प्रसिद्ध थी:
टूटी खाट , फूटा छान ।
यह है दरिद्रता की पहचान।।
इसका अर्थ हुआ कि यदि आपके घर में टूटी हुई खाट, चारपाई अथवा बैड रखा है, और आप उसका प्रयोग कर रहे हैं अथवा नहीं कर रहे हैं। यह घर की बरकत को रोकने में अपनी बहुत भूमिका निभाता है।
उसी प्रकार छान का अर्थ होता है छप्पर। प्राचीन काल में कच्चे मकान हुआ करते थे और घर के सामने छप्पर डालकर के बरसात आदि से उस घर की रक्षा की जाती थी। तो इसका तात्पर्य हुआ घर भी खंडित ना हो फूटा हुआ दरार तरेड़ आदि नहीं होनी चाहिए।
मैंने कई घरों में देखा है कि गृह प्रवेश के तुरंत बाद मकान में सामने दरार आ जाती है ।कभी-कभी सीमेंट उखड़ जाता है अथवा कहीं से कोई कोना टूट जाता है। मकान में ऐसा होना सामान्य बात नहीं होती यह किसी की बुरी दृष्टि का भी प्रभाव हो सकता है।
जैसा कि कहा गया कि बुरी नजर तो पत्थर को भी तोड़ देती है और मैंने उसका प्रत्यक्ष अनुभव किया है।
यदि आपके मकान में ऐसा है तो समझो कि घर में दरिद्रता आने का संकेत हो सकता है ।इसीलिए किसी भी हालत में घर में इन दोनों चीजों को ठीक प्रकार से व्यवस्थित करके रखें।
कई घरों में बेड के अलावा अलग से सोने के लिए फोल्डिंग पलंग अथवा चारपाई होते हैं। निरंतर प्रयोग करते रहने से दो चार साल में वह टूटने शुरू हो जाते हैं हमें पहले से ध्यान रखना है कि ऐसे सामान को पहले से ही ठीक कराएं अथवा उसको घर से बाहर निकाल दें।
हमारा घर हमारी पहचान होती है। घर हमें संपूर्ण और उर्जा देने वाला होता है, जहां आकर हम अपनापन महसूस करते हैं शारीरिक और मानसिक थकान दूर करते हैं और आराम करते हैं। यदि आप घर से बाहर गए हैं तो शाम को लौट कर आते हैं तो आपकी दृष्टि मुख्य द्वार पर पड़ती है, मुख्य द्वार के ऊपर नीचे ,दाएं ,बाएं कोई दरार पड़ी हुई है या सीमेंट उखड़ा हुआ है अथवा कोना टूटा हुआ है और आपकी उस पर दृष्टि पड़ते ही आपका मन उद्वेलित हो उठता है ,कम से कम दिमाग में कुछ परसेंटेज नकारात्मकता जन्म लेती है। ऐसा मैंने स्वयं भी अनुभव किया है। घर के अंदर भी किसी कमरे में सीलन आ गई है यह प्लास्टर उखड़ गया है।वह भी वहां सोने वाले या आराम करने वाले व्यक्तियों के मनों को अशांत कर सकता है इसलिए समय रहते हुए टूटे हुए प्लास्टर ,दरारें और सीलन ठीक करा लें ।
दूसरी बात मकड़ी दो प्रकार के जाले बनाती हैं। एक तो बड़े आकार का जिसमें लंबे-लंबे तंतु होते हैं ।इसमें मच्छर ,मक्खी फंस कर मर जाते हैं। और कभी कभी तो हमारे मुंह पर भी आकर हमें परेशान कर देते हैं। और दूसरे प्रकार के कोने में सफेद रंग का छोटा सा जाला होता है जो पूर्णतया सफेद होता है वह पारदर्शी नहीं होता है। उसमें मकड़ी अपने अंडे देती है ।यह मकड़ी का सफेद जाला अधिकतर घर के कोने में ही होता है। यदि यदि ऐसा सफेद जाला आपके घर के किसी कोने में है तो समझो आपका धन अनावश्यक रूप से बीमारी विवाद , कॉर्ट कचहरी या ऐसे ही उल्टे सीधे कार्यों के लिए प्रयोग होता है इसलिए कोना अवश्य साफ रखें।
पंडित शिवकुमार शर्मा, आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिष रत्न
अध्यक्ष -शिव शंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र ,गाजियाबाद
Nice