वास्तु है सबके लिए भाग 8
आग्नेय कोण का वैज्ञानिक विश्लेषण
वास्तु शास्त्र के अनुसार आग्नेय कोण का विस्तार 112 .5अंशों से 157.5 अंशों तक होता है। आग्नेय दिशा के स्वामी अग्निदेव हैं । इस दिशा का आधिपत्य शुक्र ग्रह के पास है।इसी दिशा में पूर्व और दक्षिण का समावेश रहता है। इस दिशा में सूर्य की किरणें सर्वाधिक पडती हैं। जिससे यह दिशा अन्य दिशाओं से गर्म रहती है।वास्तु शास्त्र के अनुसार यह दिशा अग्नि से संबंधित कार्यों के लिए है। अग्नि दिशा में रसोईघर, बिजली के उपकरण, इनवर्टर, पानी गर्म करने की भट्टी ,बायलर आदि श्रेष्ठ होते हैं ।शुक्र का प्रतिनिधि होने के कारण यह दिशा महिलाओं के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है।इस दिशा में ड्रेसिंग रूम और सौंदर्य प्रसाधन कक्ष श्रेष्ठ होता है । आधुनिक युग में आजकल बड़े बड़े घरों में बार बनाए जाते हैं ,अर्थात शराब आदि रखने व पीने का स्थान, शराब पर शुक्र का प्रभाव होता है। वैसे तो भारतीय परंपरा के अनुसार घर में बार या शराब खाना बहुत ही निषेध माना गया है, किंतु पाश्चात्य देशों की देखा देखी कुछ परिवारों ने घर में ही बार बनाना शुरू कर दिया है। बार का स्थान भी आग्नेय कोण होता है।यह दिशा रसोईघर के लिए अधिक उपयुक्त है, क्योंकि अग्नि क्षेत्र में अग्नि के पदार्थ लाभकारी होते हैं।
आग्नेय कोण में कभी भी जल का न रखें ।बोरिंग ,नल, हैंड पंप, पानी की टंकी यहांअच्छी नहीं होती हैं गृह स्वामी को कर्ज में डुबो देती हैं। यदि रसोई घर इस दिशा में है तो भी हमें रसोई घर को एक इकाई/ यूनिट मानकर उसमें भी चूल्हा ओवन, खाद्य पदार्थों का स्टोर ,सिंक, रेफ्रिजरेटर आदि को रखने की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए। रसोई घर को एक यूनिट मान कर वास्तु का भी वही नियम अपनाना चाहिए। रसोईघर के उत्तर पूर्व में पीने के पानी का स्थान, आर ओ
नैऋत्य में सिंक अर्थात बर्तन साफ करने का स्थान, पश्चिम में रेफ्रिजरेटर और दक्षिण पूर्व में चूल्हा, चिमनी रखनी चाहिए। एक बात और ध्यान रखने की है रसोई घर में मंदिर नहीं बनाना चाहिए इससे मंदिर की पवित्रता नष्ट हो जाती है ।वास्तु विजिट के दौरान कई घरों और फैक्ट्रियों में मैंने पाया के इस क्षेत्र को दूषित रखना कितना हानिकारक हो सकता है। गुड़गांव में एक कंपनी में अग्नि कोण में पानी का टैंक रखा हुआ था ऐसा उन्होंने गत 3 साल से किया था और तभी से कंपनी में चोरी की घटनाएं आगजनी की घटनाएं निरंतर हो रही थी ,वहां पर मैंने उसको हटवाया, डेढ साल हो गया है ,कंपनी अब निरन्तर प्रगति की ओर है।वैसे भी इस दिशा में पानी का होना घर की महिला सदस्यों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इस दिशा से सूर्य की किरणें पूरे घर के स्वास्थ्य पर अनुकूल / अच्छा प्रभाव डालती हैं, जिन घरों में आग्नेय दिशा बंद होती है उसमें सूर्य की रोशनी नहीं आ पाती जिससे महिलाओं के पैरों में दर्द ,घुटनों में दर्द, सर में दर्द आदि की शिकायत निरंतर बनी रहती है। एक बात और ध्यान रखें यदि इसी दिशा में रसोई घर है और यूनिट के अनुसार चूल्हे का स्थान सही नहीं है, तो चूल्हे के ऊपर दाएं बाएं दो क्रिस्टल बॉल टांग दें या लाल फिटकरी का लगभग 250 ग्राम का टुकड़ा ऊपर की ओर रख दें।
जन्म कुंडली के अनुसार जिन का शुक्र उत्तम अवस्था में है या जिनका मूलांक या भाग्य अंक 6 होता है अर्थात जिनकी जन्म तारीख 6 ,15,24 हो इस दिशा में घर का द्वार अच्छा रहता है। सामान्य रूप से इस दिशा में द्वार बनाने से बचना चाहिए . ।ऑफिस या कार्यालय आदि में इस स्थान पर बिजली के मीटर ,छोटा रसोईघर (pantry) रखना अच्छा होता है इस दिशा में शौचालय तभी बनाएं , जब घर में उसका अन्य विकल्प न हो।
पंडित शिवकुमार शर्मा, अध्यक्ष- शिव शंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र गाजियाबाद
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