*सौभाग्य बताने वाले कुछ संकेत*
इस अंक में कुछ ऐसे घटित होने वाले संकेतों का वर्णन करूंगा जिनसे हमें भविष्य में सौभाग्य सुख समृद्धि देने वाले एवं धन आगमन के सूचक हैं।
* जिस घर में माता-पिता और बड़ों का सम्मान होता है वहां से लक्ष्मी कभी जाती नहीं है।
*जिस घर में महिलाओं का सम्मान होता है।वहां लक्ष्मी जी का स्थायी निवास होता है।
*जिस घर में परिवार के सदस्यों के बीच परस्पर प्रेम व सौहार्द का वातावरण होता है। वहां सदैव सुख समृद्धि रहती है।
*यदि घर के दरवाजे के सामने गाय आकर बैठे या जुगाली करें , भविष्य में उस घर के उन्नति करने के योग होते हैं।
*जिस घर में सामने प्रात:काल पक्षियों की चहचहाहट सुनाई दे तो वहां के सदस्यों को खुशी मिलती रहेगी।
*जहां महिला प्रात: जल्दी उठकर घर में स्वच्छता करती है द्वार को जल से धोती है,उस घर में लक्ष्मी जी को आना ही पड़ता है।
*रात्रि के समय यदि कोई उल्लू घर के ऊपर से उड़ता दिखाई दे तो उसे प्रणाम करें अगले कुछ दिनों में धन लाभ के योग बनते हैं।
* यदि स्वप्न में सफेद सांप दिखाई दे या काट लें तो समझो कि बहुत धन आने वाला है।
* यदि स्वप्न में आप विष्टा में सने हुए दिखाई दें तो भी धनागमन होता है।
*यदि घर में छछूंदर का आवागमन हो जाए या कभी घर में दिखाई पड़े,उस भगाए नहीं।
धनागमन का योग बनेंगे।
*यदि आपने चूल्हे पर दूध उबालने रख दिया और आपके याद नहीं रहा।और दूध निकल कर चूल्हे के आस पास फैल जाए तो शोर न मचाएं न किसी से टोका टाकी करें। चुपचाप साफ़ कर दें।ऐसा करने से धनागमन के
योग बनते हैं।जान बूझकर ऐसा करने से दुर्भाग्य आरंभ हो सकता है।
*यज्ञ या हवन करते समय यदि आहुति देने वाला घी अचानक बिखर जाए,तो बहुत शुभ शकुन होता है जिस मनोकामना से हवन किया जा रहा है। शीघ्र ही इच्छा पूरी हो जाती है।
*यज्ञ आदि धार्मिक क्रियाओं के समय हल्की वर्षा होना शुभ संकेत होता है।
* बड़े यज्ञ या हवन में यदि अग्नि की ज्वाला से ऊपर टांगा गया चन्दौवा जल जाए।तो बहुत ही श्रेष्ठ माना जाता है। भविष्य में उस घर के उन्नति के द्वार खुल जाएंगे।
*जिस घर से अतिथि प्रसन्न होकर जाता है। वहां बरकत रहतीं हैं।
*जिस घर में उत्तर पूर्व का कोना कटा हुआ हो या दूषित हो अर्थात उस कोने में गंदगी का ढेर, शौचालय या स्टोर बना हो ऐसे घर में धन-धान्य की कमी आती है। पुत्र संतान के कार्यों में अड़चनें आती है। ईशान दिशा का बढ़ना और उसमें मंदिर ,स्नानागार, हो तो घर में शुभ होता है। ईशान दिशा खुली हो ,प्रकाश युक्त हो या पानी का स्रोत हो तो वह घर बहुत उन्नति करता है।
*दक्षिण पश्चिम अर्थात नैऋत्य कोण में घर का मुख्य द्वार हो वहां के गृह स्वामी के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, घर का धनी बीमारी में खर्च हो जाता है।
घर में दक्षिण पश्चिम का कोना यदि ऊंचा ,बंद , और भारी है तो गृहस्वामी के लिए बहुत ही शुभ दायक होता है ।निरंतर धनागमन होता है।
*यदि किसी घर के सामने मंदिर मस्जिद आदि देव स्थान हो ,तो वह घर सब सदस्यों के लिए अशुभ होता है ।विशेषकर गृह स्वामी के स्वास्थ्य की हानि करता है। ऐसा मैंने वास्तु निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर देखा है।
इसीलिए कभी भी धर्म स्थान के सामने भूलकर भी घर न बनाएं।
पंडित शिवकुमार शर्मा, आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिष रत्न
अध्यक्ष -शिवशंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र गाजियाबाद
चरण स्पर्श गुरु देव