*दुर्भाग्य के संकेतों को कैसे जाने*
ज्योतिष शास्त्र में वैदिक गणित के साथ-साथ फलादेश की अन्य विधाएं भी हैं। जैसे शकुन ,अपशकुन विज्ञान ,छींक,स्वर संचालन आदि।
आज हम कुछ सामान्य संकेतों का महत्व बताएंगे जिससे हम स्वयं ही पता कर सकते हैं कि हमारा भाग्य दुर्भाग्य बनेगा या सौभाग्य बनेगा।
*यदि कोई नई वस्तु घर में आते ही टूट जाए ,खंडित हो जाए या खराब हो जाए तो समझो कि भाग्य साथ नहीं दे रहा है।
*यदि रसोई में बार-बार दूध उफनकर नीचे चल जाए या तेल,घी आदि बिखर जाए तो मानना चाहिए कि अभी भाग्य साथ नहीं दे रहा है
*पूजा करते समय कुत्तों के भौंकने की आवाज आए या तेज लड़ाई की आवाज आए तो समझो भाग्य अभी साथ नहीं दे रहा है।
*घर में यदि मकड़ियों के जाले लगे हो ,मंदिर गंदा रहता हो तो भाग्य साथ नहीं दे रहा होता है।
*पूजा करते समय दीपक में घी होने पर तथा तेज हवा न होने पर भी दीपक अचानक बुझ जाए तो यह है बड़े अपशकुन का संकेत है।
*नया वस्त्र पहनते ही फट जाए या किसी कोने में उलझ जाए यह भी शुभ संकेत नहीं है
*घर में बिजली का सामान लाइट, टीवी ,फ्रिज आदि जल्दी जल्दी खराब हो जाती हैं तो समझो कि अभी दुर्भाग्य गया नहीं है।
*यदि घर से निकलते ही पैरों में ठोकर लग जाए ,चप्पल टूट जाए, यह जूता फट जाए तो यह शुभ शकुन नहीं है।
*घर का मुख्य दरवाजा या छत हमेशा गंदी रहती हो या छत पर कबाड़ पड़ा हो इससे राहु अप्रसन्न होकर दुर्भाग्य लाते हैं।
*नवरात्रों के समय जौ बोए जाते हैं यदि सारे जौ एक साथ होकर सुनहरे रंग के निकले तो भाग्य साथ देता है यदि ज्वारे पूरे ना निकले या चार-पांच दिन बाद निकले तो समझो भाग्य में अवरोध है।
*किसी शुभ अवसर पर अचानक कोई व्यक्ति क्लेश कर दे ,समझो भाग्य साथ नहीं दे रहा है।
*रुपयों को थूक लगाकर गिनना लक्ष्मी हानि के संकेत हैं।
*घर मैं मां ,बेटी, बहन, पुत्री, बुआ आदि महिलाएं असंतुष्ट रहती हो ,क्लेश रहता हो समझो वहां से लक्ष्मी स्वयं चली जाती हैं और दुर्भाग्य शुरू हो जाता है। क्योंकि शास्त्रों में कहा गया है। *यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता:*।
*घर में लकड़ी के किवाड़ों या खिड़कियों में दीमक लग जाए तो भाग्य अवरूद्ध होने के संकेत हैं।
*यदि चारपाई या बेड पर अचानक खटमल हो जाएं समझो कि दुर्भाग्य दस्तक दे रहा है।
*परिवार में माता पिता ,मां बेटी पिता-पुत्र के बीच में तनाव रहता हो या कलह रहता हो, तो समझो उस घर में दुर्भाग्य ने डेरा जमा रखा है।
*घर की महिलाएं प्रातः देर से जागती हो या घर में प्रथम प्रहर में/प्रात: काल झाड़ू पोंछा ना होता हो वहां दुर्भाग्य शीघ्र ही प्रवेश करने वाला होता है।।
*रात्रि के समय रसोई में जूठे बर्तन रखे हो ,उनकी साफ-सफाई ना हो । सामान अस्त-व्यस्त है। तो वहां भी दुर्भाग्य को दस्तक देने में देर नहीं लगती है।
*घर में कपड़े, जूते व अन्य सामान बेतरतीब इधर उधर फैले हुए हों, उनको रखने की उचित व्यवस्था ना हो या आलस्य के कारण घर व्यवस्थित न रहता हो तू वहां भी दुर्भाग्य ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं, ऐसा समझा जाए।
*जिस घर में गंदगी रहती हो, किसी कोने में बदबू आती हो, प्लास्टर चटक गया हो या सीलन आ गई हो तो यह भी अच्छे संकेत नहीं होते हैं।
उपरोक्त संकेतों के अलावा भी बहुत से अन्य संकेत भी है जिन्हें आगे के अंकों में लिखा जाएगा। यदि आपके यहां ऐसे संकेत हैं तो उनको सुधारने के लिए प्रयास आरंभ कर दीजिए। घर के नकारात्मकता दूर करने के लिए सबसे बड़ा है आत्म संयम, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास। इससे हर प्रकार की आपत्तियों और दुर्भाग्य से मुक्ति पा सकते हैं और कुछ ग्रहों के उपाय विशेष करने से भी दुर्भाग्य से मुक्ति मिल सकती है। अगले अंक में उपाय विशेष और सौभाग्य बढ़ाने वाले संकेतों का विचार किया जाएगा।
पंडित शिवकुमार शर्मा, आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिष रत्न
अध्यक्ष- शिवशंकर ज्योतिष एवं वास्तु अनुसंधान केंद्र गाजियाबाद
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